प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना निशुल्क प्रशिक्षण, 8000 रुपये वजीफा
परिचय
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है। इसको पीएमकेवीवाई भी बोलते हैं। यह भारत सरकार की सबसे बड़ी कौशल विकास योजना है।
इसका मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को निशुल्क हुनर सिखाना है। जिससे बेरोजगार लड़के लड़कियां नौकरी कर सकें या खुद का काम शुरू कर सकें।
यदि आप आठवीं पास हैं, दसवीं पास हैं, बारहवीं पास हैं, या पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं तो यह योजना आपके लिए है। पीएमकेवीवाई चरण में नये समय के अनुसार पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं।
जैसे कृत्रिम बुद्धि, चालक रहित वायुयान, त्रिविमीय मुद्रण। इस लेख में आपको प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की शुरू से अंत तक जानकारी मिलेगी।
पंजीकरण कैसे करें, कौन कौन से पाठ्यक्रम हैं, कितना वजीफा मिलता है, प्रमाण पत्र कहां से प्राप्त करें, नौकरी कैसे मिलेगी।
अधिक शब्दों में विस्तार से समझाया है। पूरा पढ़ने के बाद आपको कहीं और जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। पूरा विवरण आपको यह पोस्ट दिया गया है।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना को क्यों शुरू किया गया
दरअसल भारत में लाखों युवा पढ़े-लिखे होने के बावजूद बेरोजगार हैं, इसलिए सरकार ने PMKVY 4.0 को स्किल ट्रेनिंग देकर नौकरी दिलाने के मकसद से शुरू किया।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में भारत में हर साल लाखों बच्चे दसवीं बारहवीं पास करते हैं। लेकिन उनके पास कोई हुनर नहीं होता। संस्थान बोलता है अनुभव लाओ, अनुभव के लिए नौकरी चाहिए।
नौकरी के लिए कौशल चाहिए। इस चक्कर को तोड़ने के लिए सरकार ने वर्ष 2015 में कौशल भारत अभियान शुरू किया। पीएमकेवीवाई उसी अभियान का सबसे बड़ा भाग है।
इस योजना के तीन बड़े उद्देश्य हैं
सरकार ने PMKVY 4.0 को सिर्फ सर्टिफिकेट बांटने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं को नौकरी के लायक बनाने के 3 मेन टारगेट पूरे करने के लिए शुरू किया है।

पहला उद्देश्य: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में पढ़ाई छोड़ चुके और बेरोजगार युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देना। ताकि वे उद्योग के लिए तैयार हो जाएं।
दूसरा उद्देश्य: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में जो लोग पहले से काम कर रहे हैं। जैसे राजमिस्त्री, बिजली कारीगर, उनको पूर्व ज्ञान की मान्यता के माध्यम से प्रमाण पत्र देना। पूर्व ज्ञान की मान्यता का अर्थ है आपके अनुभव को सरकारी मान्यता देना।
तीसरा उद्देश्य: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में कुशल श्रमशक्ति बढ़ाना। जिससे भारत में निर्माण और अंकीय भारत जैसे अभियान सफल हों।
पीएमकेवीवाई 1.0 से 4.0 तक का सफर
2015 में शुरू हुई PMKVY अब तक 4 बड़े बदलाव देख चुकी है। हर नए वर्जन में सरकार ने कोर्स, फायदा और ट्रेनिंग का तरीका पहले से बेहतर किया है ताकि हर युवा नौकरी के लिए तैयार हो सके।

पहला चरण: पीएमकेवीवाई 1.0 वर्ष 2015 में शुरू हुआ। लक्ष्य था 24 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देना। इसमें काफी कुछ सीखने को मिला सरकार को।
दूसरा चरण: पीएमकेवीवाई 2.0 वर्ष 2016 से 2020 तक चला। इसमें 1 करोड़ लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। इस चरण में प्रशिक्षण केंद्र की गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया।
तीसरा चरण: पीएमकेवीवाई 3.0 वर्ष 2021 में महामारी के बाद शुरू हुआ। इसमें जाल पर प्रशिक्षण और स्वास्थ्य क्षेत्र पर जोर दिया गया। क्योंकि उस समय परिचारिका और स्वास्थ्य कार्यकर्ता की मांग थी।
चौथा चरण: पीएमकेवीवाई 4.0 अभी वर्ष 2026 में चल रहा है। यह सबसे उन्नत चरण है। इसमें नये समय के पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं। जैसे कृत्रिम बुद्धि, यंत्र मानव, चालक रहित वायुयान, बिजली वाहन मरम्मत।
नोट: इसके अलावा विद्यालय के बच्चों के लिए भी कौशल विषय शुरू किए गए हैं। ताकि पढ़ाई के साथ हुनर भी सीख लें।
पीएमकेवीवाई 4.0 के लिए क्या नया है
दरअसल PMKVY 4.0 में 2026 के लिए AI, ड्रोन और डिजिटल स्किल जैसे 400+ नए कोर्स जोड़े गए हैं, साथ ही अब ₹8000/- तक का स्टाइपेंड भी मिलता है।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 पिछले चरण से काफी अलग है। यहां पांच बड़े बदलाव हुए हैं-
पहला बदलाव: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में नये समय के पाठ्यक्रम। अब आप कृत्रिम बुद्धि, यंत्र अधिगम, मेघ संगणन, जाल सुरक्षा जैसे पाठ्यक्रम निशुल्क कर सकते हैं। ये पाठ्यक्रम निजी संस्थान में 50 हजार से 1 लाख तक के होते हैं।
दूसरा बदलाव: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में कार्य पर प्रशिक्षण। अब केवल कक्षा में नहीं सिखाएंगे। आपको संस्थान में भेज कर काम भी सिखाएंगे। जिसका अलग से पैसा भी मिलेगा।
तीसरा बदलाव: कौशल भारत अंकीय द्वार (Skill India Digital) की आधिकारिक वेबसाइट । अब सब कुछ एक ही जाल स्थल पर है। पंजीकरण, पाठ्यक्रम खोज, प्रमाण पत्र प्राप्त करना, नौकरी खोज। पहले अलग जाल स्थल थे।
चौथा बदलाव: विद्यालय में कौशल केंद्र। अब नौवीं से बारहवीं के बच्चे विद्यालय में ही पीएमकेवीवाई के छोटे पाठ्यक्रम कर सकते हैं। ताकि बारहवीं के बाद उनके हाथ में कौशल हो।
पांचवा बदलाव: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में वजीफा सीधे खाते में। अब आपका 8000/- रुपये तक का वजीफा सीधे बैंक खाते में आएगा। बीच में कोई नहीं खाएगा।
भारत सरकार की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर फ्री कोर्स की पूरी लिस्ट देखें।
पीएमकेवीवाई पाठ्यक्रम सूची। कौन कौन से पाठ्यक्रम कर सकते हैं
PMKVY 4.0 के लिए 8वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक के लिए 400+ स्किल कोर्स हैं, जिनमें मैकेनिकल, IT, ब्यूटी और AI जैसे जॉब-रेडी कोर्स शामिल हैं।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत 300 से अधिक पाठ्यक्रम हैं। ये सभी पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा के अनुसार बने हैं। मतलब हर पाठ्यक्रम का एक स्तर होता है।
स्तर एक सबसे आसान। स्तर आठ सबसे कठिन। यहां क्षेत्र के अनुसार मुख्य पाठ्यक्रम की सूची दे रहा हूं। पूरी सूची कौशल भारत अंकीय द्वार पर मिल जाएगी।
1- सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में इसमें संगणक से जुड़े पाठ्यक्रम हैं। आंकड़ा प्रविष्टि प्रचालक। घरेलू सूचना प्रौद्योगिकी सहायता कर्मी।
कनिष्ठ तंत्रांश विकासकर्ता। जाल विकासकर्ता। कृत्रिम बुद्धि आंकड़ा वैज्ञानिक (Artificial Intelligence Data Scientist) AI , पाठ्यक्रम की अवधि 3 महीने से 6 महीने तक है। दसवीं पास मांगते हैं।
2- बिजली उपकरण क्षेत्र: चल दूरभाष यंत्र मरम्मत कारीगर। बंद परिपथ दूरदर्शन स्थापना कारीगर। प्रकाश उत्सर्जक द्वियोड बत्ती मरम्मत कारीगर (Light-Emitting Diode) LED-
क्षेत्र कारीगर वातानुकूलक (Air Conditioner Technician)।nये पाठ्यक्रम करके आप अपनी दुकान खोल सकते हैं। या संस्थान में 15 से 25 हजार की नौकरी कर सकते हैं।
3- सौंदर्य और आरोग्य क्षेत्र: सहायक सौंदर्य चिकित्सक। केश सज्जाकार। हाथ पांव की देखभाल कारीगर (Hand and Foot Care)। दुल्हन सज्जा और छायाचित्र प्रसाधन कलाकार (Makeup Artist)।
ये पाठ्यक्रम लड़कियों में बहुत लोकप्रिय हैं, प्रशिक्षण के बाद प्रसाधन गृह में या स्वतंत्र काम कर सकते हैं।
4- निर्माण क्षेत्र: बिजली कारीगर। नल कारीगर। जोड़ाई कारीगर (Bricklayer, Mason) बढ़ई राजमिस्त्री। सरिया बांधने वाला।
ये सभी पूर्व ज्ञान की मान्यता के अंतर्गत भी आते हैं। मतलब यदि आप पहले से मिस्त्री हैं तो 3 दिन की प्रशिक्षण करके प्रमाण पत्र ले सकते हैं।
5- स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र: सामान्य कर्तव्य सहायक। घरेलू स्वास्थ्य सहायक (home health aide)। आपातकालीन चिकित्सा कारीगर।
रक्त संग्रह कारीगर (blood collection specialist)। महामारी के बाद इस क्षेत्र में नौकरी बहुत बढ़ी है। बारहवीं विज्ञान वालों के लिए अच्छा विकल्प है।
6- कृषि क्षेत्र: जैविक उत्पादक। दुग्ध किसान। केंचुआ खाद उत्पादक। किसान भाइयों के लिए ये पाठ्यक्रम हैं। इससे आप खेती को व्यापार बना सकते हैं।
7- स्वचल वाहन क्षेत्र: बिजली वाहन सेवा कारीगर। स्वचल वाहन सेवा कारीगर (Automobile Service) वाहन का जमाना बिजली का है। इसलिए बिजली वाहन मरम्मत का पाठ्यक्रम 2026 में सबसे अधिक मांग में है।
8- पर्यटन और सत्कार: खाद्य और पेय सेवा कर्मी। गृह व्यवस्था सहायक। स्वागत कक्ष सहयोगी (Receptionist)। होटल क्षेत्र में जीवन बनाना है तो ये पाठ्यक्रम करें।
नोट: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में फ्री ट्रेनिंग पूरी करने के बाद अगर आप नौकरी की जगह खुद का काम शुरू करना चाहते हैं, तो मुद्रा लोन कैसे लें इसकी पूरी गाइड पढ़कर 10 लाख तक का लोन ले सकते हैं।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना पात्रता
PMKVY 4.0 में लिए अप्लाई करने से पहले ये 3 शर्तें चेक कर लें: आपकी उम्र 15 से 45 साल हो, आप भारत के नागरिक हों और फिलहाल बेरोजगार हों।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में कौन आवेदन कर सकता है, पीएमकेवीवाई के लिए पात्रता बहुत आसान रखी गई है। ताकि अधिक से अधिक लोग लाभ उठा सकें।
1- आयु सीमा: आपकी आयु 15 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए। कुछ उन्नत पाठ्यक्रम के लिए 18 साल न्यूनतम है।
2-पढ़ाई: कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है। कुछ पाठ्यक्रम पांचवीं पास भी मांगते हैं। कुछ पाठ्यक्रम बारहवीं पास या स्नातक मांगते हैं। आप पाठ्यक्रम सूची में जांच कर सकते हैं।
3- राष्ट्रीयता: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए।
नोट: आपके परिवार में कोई सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। और आपने पहले पीएमकेवीवाई का लाभ न लिया हो। एक व्यक्ति एक ही बार निशुल्क प्रशिक्षण ले सकता है।
पीएमकेवीवाई के लिए जरूरी कागज
PMKVY 4.0 में रजिस्ट्रेशन के लिए आपको सिर्फ 4 बेसिक डॉक्यूमेंट चाहिए, इसलिए इन्हें पहले से तैयार रखें ताकि आपका फॉर्म रिजेक्ट न हो।

पंजीकरण के समय ये कागज तैयार रखें-
1- आधार पत्र: चल दूरभाष संख्या से जुड़ा होना चाहिए। क्योंकि एक बारगी गुप्त संख्या आएगा।
2- बैंक खाता पुस्तिका: आपके नाम से खाता हो। वजीफा इसी में आएगा।
3- पार पत्र: आकार का चित्र।
4- शिक्षा प्रमाण पत्र: आठवीं, दसवीं, बारहवीं की अंक सूची।
5- चल दूरभाष संख्या: Contact number।
6- बिजली डाक पता: यदि है तो।
पीएमकेवीवाई 4.0 पंजीकरण कैसे करें
PMKVY 4.0 के लिए मोबाइल से फ्री रजिस्ट्रेशन करने का पूरा तरीका नीचे दिया गया है, लेकिन आधार OTP और बैंक डिटेल गलत डालने पर पैसा अटक सकता है, इसलिए हर स्टेप चेक करके भरें।

क्रम से क्रम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में पंजीकरण अब बहुत आसान है। पूरा कार्य जाल पर है। आप घर बैठे चल दूरभाष से कर सकते हैं।
चरण 1: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में कौशल भारत अंकीय द्वार पर जाएं। जाल खोज में कौशल भारत अंकीय खोजें। पहले जाल स्थल पर चटका लगाएं।
चरण 2: मुख पृष्ठ पर अभ्यर्थी पंजीकरण या प्रवेश का बटन दिखेगा। उस पर चटका लगाएं।
चरण 3: अब आपको चल दूरभाष संख्या डालना है। उस पर एक बारगी गुप्त संख्या आएगा। गुप्त संख्या डाल कर पुष्टि करें।
चरण 4: अब मूल विवरण का प्रपत्र खुलेगा। नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, लिंग, आधार संख्या सब भरें।
चरण 5: पता की जानकारी भरें। राज्य, जिला, टांक पता।
चरण 6: शिक्षा की जानकारी भरें। आप आठवीं पास हैं या बारहवीं पास।
चरण 7: अब आपको पाठ्यक्रम चुनना है। यहां आप क्षेत्र चुनें। जैसे आपको संगणक सीखना है तो सूचना प्रौद्योगिकी चुनें। फिर पाठ्यक्रम चुनें। जैसे आंकड़ा प्रविष्टि प्रचालक।
चरण 8: अब आपको प्रशिक्षण केंद्र चुनना है। आपके टांक पते के आस पास के सभी केंद्र की सूची आ जाएगी। जो नजदीक हो या जहां की श्रेणी अच्छी हो उसे चुन लें।
चरण 9: सब भरने के बाद जमा कर दें। आपका पंजीकरण हो जाएगा। एक पंजीकरण संख्या मिलेगी। उसे लिख लें।
चरण 10: अब आपको प्रशिक्षण केंद्र पर जा कर कागज जांच कराना है। आधार और अंकसूची की छाया प्रति ले जाएं। जांच के बाद आपका समूह शुरू हो जाएगा।
प्रशिक्षण केंद्र कैसे ढूंढें
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में नजदीकी पीएमकेवीवाई केंद्र, बहुत लोग पूछते हैं कि हमारे यहां पीएमकेवीवाई केंद्र कहां है। इसका उत्तर भी द्वार पर है।
1- कौशल भारत अंकीय द्वार खोलें। (Skill India Digital gateway)।
2- सूची में प्रशिक्षण केंद्र ढूंढें का विकल्प होगा। उस पर चटका लगाएं।
3- यहां आप 3 तरीके से खोज सकते हैं। क्षेत्र से, कार्य भूमिका से, या स्थान से।
4- आप अपने राज्य और जिला चुन लें। या सीधा टांक पता डाल दें।
5- खोज करते ही आपके आस पास के सभी केंद्र की सूची मानचित्र के साथ आ जाएगी। केंद्र का नाम, पता, चल दूरभाष संख्या, पाठ्यक्रम सब दिख जाएगा।
6- आप किसी भी केंद्र पर बात करके पता कर सकते हैं कि समूह कब से शुरू है।
पीएमकेवीवाई में कितना वजीफा मिलता है
PMKVY 4.0 के लिए हर महीने ₹500/- से ₹8000/- तक का स्टाइपेंड मिलता है, लेकिन ये आपके कोर्स, ट्रेनिंग घंटे और 80% अटेंडेंस पर निर्भर करता है।

1- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में प्रशिक्षण तो निशुल्क है ही। साथ में सरकार वजीफा भी देती है। जिससे आपका आना जाना और खाने का खर्च निकल जाए।
2- वजीफा: 500/- रुपये प्रति दिन के अनुसार मिलता है। लेकिन ये उन्हीं दिनों का मिलता है जिस दिन आप प्रशिक्षण में उपस्थित रहते हैं। जैविक हाजिरी लगती है।
3- पाठ्यक्रम: यदि 3 महीने का है तो आपको 3 महीने तक वजीफा मिलेगा। अधिकतम 8000/- रुपये तक मिल सकता है। ये पैसा आपके आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे लाभ हस्तांतरण से आता है।
ध्यान दें: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में यदि आप बीच में प्रशिक्षण छोड़ देते हैं तो वजीफा नहीं मिलेगा। और प्रमाण पत्र भी नहीं मिलेगा। 70 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। अधिक जानकारी के लिए NSDC की ऑफिशियल साइट देखें।
पीएमकेवीवाई प्रमाण पत्र कहां से प्राप्त करें
1- प्रशिक्षण: पूरी होने के बाद आपका एक निर्धारण होता है। परीक्षा होती है। सैद्धांतिक और प्रयोगात्मक दोनों। उसमें पास होने के बाद आपको राष्ट्रीय कौशल विकास निगम का प्रमाण पत्र मिलता है।
2- प्रमाण पत्र: ये अंकीय होता है। इस पर कौशल भारत और पीएमकेवीवाई का चिन्ह होता है। इसकी मान्यता पूरे भारत में है, निजी संस्थान इसको मानते हैं।
प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए
1- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में कौशल भारत अंकीय द्वार पर प्रवेश करें। (Skill India Digital gateway)।
2- पटल पर मेरा प्रमाण पत्र का भाग होगा।
3- वहां से आप पीडीएफ प्राप्त कर सकते हैं। या अंकीय तिजोरी में भी देख सकते हैं।
4- यदि प्रमाण पत्र में नाम गलत है तो प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क करें। वो राष्ट्रीय कौशल विकास निगम को पत्र भेजकर सही करा देंगे।
पीएमकेवीवाई के बाद नौकरी कैसे मिलेगी
1- नियोजन कार्यविधि, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का सबसे बड़ा सवाल। प्रशिक्षण के बाद नौकरी मिलेगी या नहीं। उत्तर है हां।
2- हर प्रशिक्षण केंद्र की जिम्मेदारी होती है कि वो 70 प्रतिशत बच्चों को नौकरी दिलाए। इसके लिए वो रोजगार मेला कराते हैं। इसमें कई संस्थान आते हैं। आपका साक्षात्कार होता है।
3- इसके अलावा कौशल भारत द्वार पर भी एक नौकरी विनिमय है। वहां आप अपना परिचय बना कर नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। आपका पीएमकेवीवाई प्रमाण पत्र परिचय में अपने आप जुड़ जाता है।
4- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में अपना खुद का काम शुरू करना है तो प्रशिक्षण केंद्र आपको मुद्रा ऋण दिलाने में सहायता करता है। व्यापार योजना बनाना सिखाता है।
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पीएमकेवीवाई बनाम पीएम विश्वकर्मा योजना में क्या अंतर है
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में बहुत लोग पीएमकेवीवाई और पीएम विश्वकर्मा योजना में उलझ जाते हैं। दोनों अलग हैं।
1- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उन युवाओं के लिए है जिनके पास कोई कौशल नहीं है। ये उनको नया हुनर सिखाता है। आयु 15 से 45 साल। 300 से अधिक पाठ्यक्रम।
2- पीएम विश्वकर्मा योजना: उन लोगों के लिए है जो पहले से कारीगर हैं। जैसे बढ़ई, लोहार, सुनार। ये उनको ऋण, औजार और उन्नत प्रशिक्षण देता है। आयु 18 से अधिक। 18 व्यवसाय।
नोट: सरल भाषा में। पीएमकेवीवाई का अर्थ नया कौशल सीखना। पीएम विश्वकर्मा का अर्थ पुराने कौशल को व्यापार बनाना।
पीएमकेवीवाई सफलता कथाएं
1- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में उत्तर प्रदेश की सुनीता ने पीएमकेवीवाई से प्रसाधन का पाठ्यक्रम किया। आज वो गांव में अपना प्रसाधन गृह चलाती है। महीने का 20 हजार कमाती है।
2- बिहार के रमेश ने चल दूरभाष मरम्मत का पाठ्यक्रम किया। अब उसकी दुकान पर 3 लड़के काम करते हैं। उसने 2 और लड़कों को पीएमकेवीवाई में प्रवेश दिलाया।
3- दिल्ली के अर्जुन ने आंकड़ा प्रविष्टि प्रचालक का पाठ्यक्रम करके एक बड़ी संस्थान में नौकरी पाई। वेतन 18000/- से शुरू हुआ। प्रमाण पत्र की वजह से नौकरी आसानी से मिल गई।
पीएमकेवीवाई में आने वाली सामान्य समस्याएं और समाधान
समस्या 1: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में केंद्र पैसा मांग रहा है।
समाधान: पीएमकेवीवाई की प्रशिक्षण बिल्कुल निशुल्क है। यदि कोई केंद्र पैसा मांगे तो 1800 123 9626 सहायता संख्या पर शिकायत करें।
समस्या 2: प्रमाण पत्र नहीं मिल रहा।
समाधान: द्वार (Skil India Digital) पर जांच करें। 90 दिन तक लग सकते हैं। फिर भी न आए तो केंद्र से बात करें।
समस्या 3: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में वजीफा नहीं आया।
समाधान: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं जांच करें। सीधे लाभ हस्तांतरण चालू होना चाहिए। केंद्र पर भुगतान प्रबंधन प्रणाली स्थिति पता करें।
समस्या 4: नौकरी नहीं मिल रही।
समाधान: कौशल भारत द्वार के नौकरी विनिमय पर रोज आवेदन करें। अपने केंद्र के नियोजन अधिकारी से मिलें।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जुड़े 25 जरूरी सवाल जवाब FAQ
सवाल 1: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना क्या है?
जवाब: यह भारत सरकार की निशुल्क प्रशिक्षण योजना है। इसमें युवाओं को हुनर सिखाकर नौकरी या स्वरोजगार के लिए तैयार किया जाता है। इसको पीएमकेवीवाई भी कहते हैं।
सवाल 2: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में (पीएमकेवीवाई) 4.0 क्या है?
जवाब: यह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का चौथा चरण है। वर्ष 2026 में यही चल रहा है। इसमें कृत्रिम बुद्धि, चालक रहित वायुयान, बिजली वाहन मरम्मत जैसे नये पाठ्यक्रम जोड़े गए हैं।
सवाल 3: पीएमकेवीवाई के लिए आयु सीमा क्या है?
जवाब: आपकी आयु 15 साल से 45 साल के बीच होनी चाहिए। कुछ उन्नत पाठ्यक्रम के लिए न्यूनतम आयु 18 साल है।
सवाल 4: पीएमकेवीवाई में पढ़ाई कितनी चाहिए?
जवाब: कम से कम आठवीं पास होना जरूरी है। कुछ पाठ्यक्रम पांचवीं पास के लिए भी हैं। कुछ पाठ्यक्रम बारहवीं पास या स्नातक मांगते हैं।
सवाल 5: पीएमकेवीवाई की फीस कितनी है?
जवाब: पीएमकेवीवाई की प्रशिक्षण 100 प्रतिशत निशुल्क है। एक रुपया भी नहीं लगता। यदि कोई केंद्र पैसा मांगे तो शिकायत करें।
सवाल 6: पीएमकेवीवाई में कौन से पाठ्यक्रम हैं?
जवाब: इसमें 300 से अधिक पाठ्यक्रम हैं। मुख्य हैं आंकड़ा प्रविष्टि प्रचालक, चल दूरभाष मरम्मत, सौंदर्य चिकित्सक, बिजली कारीगर, नल कारीगर, बिजली वाहन कारीगर, स्वास्थ्य सहायक, कृत्रिम बुद्धि।
सवाल 7: पीएमकेवीवाई में वजीफा कितना मिलता है?
जवाब: प्रशिक्षण के दौरान 500/- रुपये प्रति दिन के अनुसार वजीफा मिलता है। अधिकतम 8000/- रुपये तक मिल सकता है। यह पैसा आधार से जुड़े बैंक खाते में आता है।
सवाल 8: पीएमकेवीवाई में वजीफा कब मिलता है?
जवाब: प्रशिक्षण शुरू होने के एक महीने बाद पहला वजीफा आता है। फिर हर महीने आता है। 70 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है।
सवाल 9: पीएमकेवीवाई के लिए पंजीकरण कैसे करें?
जवाब: कौशल भारत अंकीय द्वार पर जाएं। चल दूरभाष संख्या से पंजीकरण करें। मूल विवरण भरें। पाठ्यक्रम और नजदीकी केंद्र चुनें। जमा करें। फिर केंद्र पर जाकर कागज जांच कराएं।
सवाल 10: नजदीकी पीएमकेवीवाई केंद्र कैसे ढूंढें?
जवाब: कौशल भारत अंकीय द्वार पर प्रशिक्षण केंद्र ढूंढें विकल्प पर जाएं। अपना राज्य, जिला या टांक पता डालें। आपके आस पास के सभी केंद्र की सूची आ जाएगी।
सवाल 11: पीएमकेवीवाई प्रमाण पत्र की मान्यता कितनी है?
जवाब: यह प्रमाण पत्र राष्ट्रीय कौशल विकास निगम देता है। इसकी मान्यता पूरे भारत में है। यह जीवन भर के लिए मान्य है। कभी समाप्त नहीं होता।
सवाल 12: पीएमकेवीवाई प्रमाण पत्र कहां से प्राप्त करें?
जवाब: परीक्षा पास होने के बाद कौशल भारत अंकीय द्वार पर प्रवेश करें। मेरा प्रमाण पत्र भाग में जाएं। वहां से पीडीएफ प्राप्त करें। यह अंकीय तिजोरी में भी मिल जाता है।
सवाल 13: क्या पीएमकेवीवाई के बाद नौकरी मिलेगी?
जवाब: हां। हर प्रशिक्षण केंद्र की जिम्मेदारी है कि 70 प्रतिशत बच्चों को नौकरी दिलाए। इसके लिए रोजगार मेला होता है। साथ ही कौशल भारत द्वार पर नौकरी विनिमय भी है।
सवाल 14: क्या दसवीं अनुत्तीर्ण पीएमकेवीवाई कर सकता है?
जवाब: हां। कुछ पाठ्यक्रम आठवीं पास या पांचवीं पास के लिए भी हैं। जैसे बढ़ई, राजमिस्त्री, नल कारीगर?
सवाल 15: क्या स्नातक के बाद पीएमकेवीवाई करना चाहिए?
जवाब: जरूर करना चाहिए। यदि नौकरी नहीं मिल रही तो कृत्रिम बुद्धि, मेघ संगणन जैसे उन्नत पाठ्यक्रम से नौकरी के अवसर बढ़ जाते हैं।
सवाल 16: पीएमकेवीवाई 4.0 की अंतिम तिथि क्या है?
जवाब: इसकी कोई अंतिम तिथि नहीं है। यह साल भर चलता है। जब समूह भर जाता है तो प्रवेश बंद हो जाता है। इसलिए जल्दी आवेदन करें।
सवाल 17: यदि परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाएं तो क्या होगा?
जवाब: आपको एक बार और पुनः निर्धारण का मौका मिलता है। उसमें भी अनुत्तीर्ण हुए तो प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा?
सवाल 18: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में क्या महिलाएं पीएमकेवीवाई कर सकती हैं?
जवाब: हां। महिलाओं के लिए कई केंद्र में अलग समूह भी होता है। सौंदर्य चिकित्सक, सिलाई, स्वास्थ्य सहायक जैसे पाठ्यक्रम लड़कियों में लोकप्रिय हैं।
सवाल 19: पीएमकेवीवाई का सहायता संख्या क्या है?
जवाब: अभ्यर्थी सहायता संख्या 88000 55555 है। दूसरा संख्या 1800 123 9626 है। सुबह 9 से शाम 6 बजे तक बात कर सकते हैं।
सवाल 20: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में क्या प्रशिक्षण के दौरान छुट्टी ले सकते हैं?
जवाब: ले सकते हैं। लेकिन 70 प्रतिशत हाजिरी जरूरी है। उससे कम हुई तो वजीफा और प्रमाण पत्र नहीं मिलेगा।
सवाल 21: पीएमकेवीवाई से ऋण कैसे मिलता है?
जवाब: पीएमकेवीवाई सीधा ऋण नहीं देता। लेकिन प्रशिक्षण के बाद मुद्रा ऋण के लिए परियोजना विवरण बनाने में सहायता करता है।
सवाल 22: प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में पूर्व ज्ञान की मान्यता क्या है?
जवाब: यह उनके लिए है जिनको पहले से काम आता है। 3 दिन की प्रशिक्षण और परीक्षण के बाद प्रमाण पत्र मिल जाता है। राजमिस्त्री, बिजली कारीगर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं।
सवाल 23: पीएमकेवीवाई का सबसे अच्छा पाठ्यक्रम कौन सा है?
जवाब: बिजली वाहन कारीगर, कृत्रिम बुद्धि यंत्र अधिगम (Artificial Intelligence), स्वास्थ्य सहायक, चालक रहित वायुयान सेवा कारीगर (ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन) सबसे अधिक मांग में हैं।
सवाल 24: क्या एक व्यक्ति दो बार पीएमकेवीवाई कर सकता है?
जवाब: नहीं। एक व्यक्ति को जीवन में एक ही बार निशुल्क प्रशिक्षण मिलता है। लेकिन पूर्व ज्ञान की मान्यता अलग से कर सकते हैं।
सवाल 25: पीएमकेवीवाई और पीएम विश्वकर्मा योजना में क्या अंतर है?
जवाब: पीएमकेवीवाई नया हुनर सिखाता है। यह 15 से 45 साल के बेरोजगार युवाओं के लिए है।
पीएम विश्वकर्मा योजना पहले से काम कर रहे कारीगरों को ऋण और औजार देता है। यह 18 व्यवसाय के लिए है।
निष्कर्ष
1- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना बेरोजगार युवाओं के लिए निशुल्क हुनर सीखने का सबसे अच्छा मौका है।
2- 15 से 45 साल की आयु वाले, आठवीं पास से लेकर स्नातक तक, इस योजना में 300 से अधिक पाठ्यक्रम कर सकते हैं। प्रशिक्षण बिल्कुल निशुल्क है। साथ में 8000/- रुपये तक वजीफा भी मिलता है।
3- प्रशिक्षण के बाद सरकारी प्रमाण पत्र मिलता है। केंद्र वाले नौकरी दिलाने में मदद करते हैं। खुद का काम शुरू करना हो तो मुद्रा ऋण में भी मार्गदर्शन मिलता है।
4- आज के समय में उपाधि से ज्यादा कीमत हुनर की है। इसलिए यदि नौकरी चाहिए तो प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में आज ही पंजीकरण करें।
अस्वीकरण
1- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जुड़े नियम और प्रक्रिया समय के साथ बदल सकते हैं।
2- आवेदन करने से पहले कौशल भारत (Skill India Digital) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर सभी आवश्यक दिशा-निर्देश और विवरण देख सकते हैं।
3- हम किसी भी त्रुटि या, हानि के लिए जिम्मेदार नहीं हैं। अधिक जानकारी के लिए सहायता संख्या (Helpline number) – 1800 123 9626 पर संपर्क करें।
