PM जन औषधि योजना 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां स्टोर लिस्ट ऑनलाइन अप्लाई प्रक्रिया एवं लाभ

PM जन औषधि योजना 90% तक सस्ती दवाइयां

परिचय

PM जन औषधि योजना भारत सरकार की एक क्रांतिकारी स्वास्थ्य योजना है। इस योजना का मकसद है कि देश के हर नागरिक को अच्छी क्वालिटी की जेनेरिक दवाइयां बहुत कम दाम पर मिलें।

आज ब्रांडेड दवाइयों के महंगे दाम आम आदमी की जेब पर भारी पड़ते हैं। इसी समस्या को खत्म करने के लिए 2008 में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना शुरू की गई थी।

PM जन औषधि योजना इस योजना के तहत देश भर में 15000 से ज्यादा जन औषधि केंद्र खुल चुके हैं। इन केंद्रों पर 2000 से ज्यादा दवाइयां और 300 सर्जिकल आइटम्स बाजार से 50% से 90% तक सस्ते दाम पर मिलते हैं।

अगर आपके घर में BP, शुगर, हार्ट या कोई भी लंबी बीमारी की दवा चलती है तो ये योजना आपके महीने के हजारों रुपये बचा सकती है। इस पोस्ट में आपको PM जन औषधि योजना की A to Z जानकारी मिलेगी।

नजदीकी PM जन औषधि योजना कैसे ढूंढे, दवाइयों की लिस्ट कहां देखें, अपना मेडिकल स्टोर कैसे खोलें और नए अपडेट क्या हैं, सब कुछ आसान भाषा में समझाया गया है।

PM जन औषधि योजना क्या है

इस जन औषधि योजना स्कीम का मकसद हर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार तक सस्ता इलाज पहुंचाना है।

PM जन औषधि योजना केंद्र पर फार्मासिस्ट सस्ती दवा देते हुए.
PM जन औषधि योजना : महंगी दवा से बचें और 90% तक सस्ती जेनेरिक दवा पाएं। नजदीकी केंद्र पर जाएं।

PM जन औषधि योजना को प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना PMBJP भी कहते हैं। इसे फार्मास्यूटिकल्स विभाग, रसायन और उर्वरक मंत्रालय द्वारा चलाया जाता है।

PM जन औषधि योजना ब्यूरो ऑफ फार्मा पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स ऑफ इंडिया BPPI इस योजना की नोडल एजेंसी है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य है क्वालिटी जेनेरिक दवाइयों को आम जनता तक पहुंचाना।

जेनेरिक दवाइयां वो होती हैं जिनका केमिकल फॉर्मूला ब्रांडेड दवा जैसा ही होता है। असर, क्वालिटी, डोज सब सेम होता है। बस इन पर किसी बड़ी कंपनी का ब्रांड नाम नहीं होता, इसलिए ये बहुत सस्ती मिलती हैं।

उदाहरण के लिए, अगर शुगर की कोई ब्रांडेड दवा 150/- रुपये की 10 टैबलेट आती है, तो उसी सॉल्ट की जेनेरिक दवा जन औषधि केंद्र पर सिर्फ 15/- से 20/- रुपये में मिल जाएगी। क्वालिटी दोनों की WHO-GMP सर्टिफाइड कंपनियों से आती है।

योजना के 4 बड़े उद्देश्य

सरकार ने PM जन औषधि योजना को सिर्फ सस्ती दवा देने के उद्देश्य के लिए ही नहीं, बल्कि हेल्थ सेक्टर में बड़े बदलाव के लिए भी शुरू किया है।

PM जन औषधि योजना के 4 बड़े उद्देश्य सस्ती दवा उपलब्ध कराना गुणवत्ता जेनेरिक दवा रोजगार जन औषधि केंद्र 15000 स्टोर.
PM जन औषधि योजना के 4 बड़े उद्देश्य: सभी को सस्ती दवा उपलब्ध कराना, जेनेरिक दवाओं के प्रति जागरूकता, क्वालिटी दवाएं 60-90% कम दाम पर देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना।

1- सस्ती दवा उपलब्ध कराना: PM जन औषधि योजना से हर व्यक्ति को कम कीमत पर दवा मिले।

2- जागरूकता फैलाना: लोगों को बताना कि जेनेरिक दवा भी उतनी ही असरदार है।

3- रोजगार देना: PM जन औषधि योजना से जन औषधि केंद्र खोलकर युवाओं को स्वरोजगार देना।

4- डॉक्टरों को प्रोत्साहित करना: PM जन औषधि योजना से डॉक्टर जेनेरिक नाम से दवा लिखें।

PM जन औषधि योजना के 7 बड़े फायदे

जन औषधि योजना से सिर्फ दवाइयां ही सस्ती नहीं मिलतीं, बल्कि आम जनता से लेकर बेरोजगार युवाओं तक को सीधा फायदा पहुंचता है।

इस योजना के 7 ऐसे फायदे हैं जो आपके हजारों रुपये बचा सकते हैं और कमाई का मौका भी देते हैं।

PM जन औषधि योजना के तहत फार्मासिस्ट सस्ती जेनेरिक दवा के बारे में बता रही हैं.
PM जन औषधि योजना : इस योजना में सभी दवाएं प्रशिक्षित फार्मासिस्ट द्वारा दी जाती हैं। 60-90% तक बचत।

1- दवाइयों पर 60% से 90% तक की बचत: जन औषधि केंद्र की सबसे बड़ी खासियत है दाम। यहां मिलने वाली दवाएं बाजार रेट से 60% से 90% तक सस्ती होती हैं।

PM जन औषधि योजना से कैंसर, डायबिटीज, हार्ट, BP, कोलेस्ट्रॉल की दवाओं पर तो 70% से 90% तक का अंतर है।

मान लीजिए आपके पिता को रोज BP और शुगर की दवा लेनी पड़ती है। ब्रांडेड दवा का महीना 2000/- रुपये पड़ता है।

वही दवा जन औषधि केंद्र से सिर्फ 300/- से 400/- रुपये महीने में मिल जाएगी। साल के 20000/- रुपये सीधे बचत।

2- 2000 से ज्यादा दवाएं और 300 सर्जिकल प्रोडक्ट: PM जन औषधि योजना से 2026 तक जन औषधि केंद्रों पर 2000 से ज्यादा दवाइयों की रेंज उपलब्ध है।

इसमें बुखार, सर्दी-खांसी, दर्द, इंफेक्शन से लेकर हार्ट, लीवर, किडनी, कैंसर, थायराइड जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल हैं।

इसके अलावा 300 से ज्यादा सर्जिकल आइटम भी मिलते हैं। जैसे सैनिटरी नैपकिन सिर्फ 1 रुपये प्रति पैड, डायपर, कार्डियक स्टेंट, नी-कैप, स्टिक, ऑक्सीजन मास्क आदि।

3- WHO-GMP क्वालिटी की गारंटी: PM जन औषधि योजना से कई लोग सोचते हैं कि सस्ती दवा खराब क्वालिटी की होगी। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है।

जन औषधि की सभी दवाएं WHO-GMP सर्टिफाइड कंपनियों से खरीदी जाती हैं। हर बैच की टेस्टिंग NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) लैब से होती है। तभी उसे स्टोर पर भेजा जाता है।

4- पूरे भारत में 15000 से ज्यादा केंद्र: PM जन औषधि योजना के 2014 में सिर्फ 80 केंद्र थे। 2026 में ये संख्या 15000 पार कर चुकी है।

सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 25000 केंद्र खोलने का है। मतलब हर जिले, हर तहसील, हर ब्लॉक में आपको जन औषधि केंद्र मिल जाएगा।

5- जन औषधि सुगम ऐप से घर बैठे जानकारी: PM जन औषधि योजना आप गूगल प्ले स्टोर से JanAushadhi Sugam ऐप डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें आप अपने नजदीकी केंद्र का पता, दवा की कीमत, ब्रांडेड vs जेनेरिक दाम तुलना, सब देख सकते हैं।

6- अपना जन औषधि केंद्र खोलने का मौका: अगर आप 10वीं पास हैं और अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं।

सरकार 5 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देती है। हर महीने बिक्री पर 20% तक का मार्जिन मिलता है।

7- महिला, दिव्यांग और SC-ST को स्पेशल इंसेंटिव: PM जन औषधि योजना से महिला उद्यमी, दिव्यांग, SC-ST आवेदकों को केंद्र खोलने पर 2 लाख रुपये एक्स्ट्रा इंसेंटिव मिलता है। नॉर्थ-ईस्ट राज्यों और आकांक्षी जिलों के लिए भी विशेष छूट है।

8- ब्रांडेड vs जेनेरिक दवा: PM जन औषधि योजना से कीमत में कितना फर्क है, लोगों का सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि इतनी सस्ती कैसे। देखिए टेबल में:

9- बीमारी ब्रांडेड दवा 10 टैबलेट जन औषधि जेनेरिक दाम बचत: PM जन औषधि योजना में डायबिटीज Metformin 500mg (प्राइवेट) जन औषधि – ₹48/- जन औषधि ₹6/- 87%, BP Amlodipine 5mg ₹35/- (प्राइवेट) जन औषधि – ₹4/- 88%, कोलेस्ट्रॉल Atorvastatin 10mg ₹120/- (प्राइवेट) जन औषधि – ₹12/- 90% फर्क।

एसिडिटी Pantoprazole 40mg (प्राइवेट) जन औषधि – ₹90 ₹10/- 89%, दर्द Paracetamol 650mg (प्राइवेट) ₹25/- जन औषधि – ₹8/- 68%, कैल्शियम विटामिन D3 ₹110/- (प्राइवेट) जन औषधि – ₹25/- 77% फर्क ।

नोट: ये दाम उदाहरण के लिए हैं, एक्चुअल प्राइस http://janushadhi.gov.in पर चेक करें।

PM जन औषधि योजना में जैसा आप देख सकते हैं, क्वालिटी सेम है लेकिन दाम में 10 गुना तक का फर्क है। इसी वजह से सरकार जेनेरिक दवा को प्रमोट कर रही है।

PM जन औषधि योजना भारत सरकार की क्रांतिकारी स्कीम है। यहाँ ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले 60% से 90% तक सस्ती जेनेरिक दवाइयाँ मिलती हैं। देशभर में 15,000+ जन औषधि केंद्र खुले हैं जहाँ WHO-GMP प्रमाणित क्वालिटी की दवा मिलती है।

अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र कैसे ढूंढे

अपने घर के पास वाला जन औषधि केंद्र आप 2 मिनट में ऑनलाइन या मोबाइल ऐप से ढूंढ सकते हैं।

PM जन औषधि योजना अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र कैसे ढूंढे लोकेशन सर्च परिवार सस्ती दवा बचत janaushadhi gov in
PM जन औषधि योजना: अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र ऐसे ढूंढे – janaushadhi.gov.in वेबसाइट खोलें, Store Locator पर क्लिक करें, राज्य जिला चुनें, नजदीकी केंद्र का पता मिल जाएगा। 50-90% बचत पाएं।

जन औषधि केंद्र ढूंढना बहुत आसान है। आपके पास 3 तरीके हैं-

तरीका 1: जन औषधि सुगम मोबाइल ऐप से।

स्टेप 1: PM जन औषधि योजना प्ले स्टोर से Jan Aushadhi Sugam ऐप डाउनलोड करें।

स्टेप 2: ऐप खोलें और GPS ऑन करें।

स्टेप 3: Nearby Jan Aushadhi Kendra पर क्लिक करें।

स्टेप 4: आपके आसपास के सभी स्टोर लिस्ट, पता और फोन नंबर के साथ दिख जाएंगे। आप गूगल मैप पर डायरेक्शन भी ले सकते हैं।

तरीका 2: ऑफिसियल वेबसाइट से।

स्टेप 1: ब्राउज़र में http://janushadhi.gov.in खोलें।

स्टेप 2: मेनू में Kendra Search ऑप्शन पर जाएं।

स्टेप 3: अपना राज्य, जिला और ब्लॉक सेलेक्ट करें।

स्टेप 4: सर्च दबाते ही पूरी लिस्ट आ जाएगी।

तरीका 5: टोल फ्री नंबर पर कॉल करें। PM जन औषधि योजना का हेल्पलाइन नंबर है, 1800-180-8080-

इस पर कॉल करके आप अपने जिले के केंद्र का पता पूछ सकते हैं। सुबह 9 से शाम 6 बजे तक सेवा उपलब्ध है।

जन औषधि दवाइयों की लिस्ट और दाम कैसे देखें

PM जन औषधि योजना में कई लोगों को डाउट रहता है कि मेरी वाली दवा मिलेगी या नहीं। इसके लिए पूरी लिस्ट ऑनलाइन है। वेबसाइट पर लिस्ट देखने का तरीका-

स्टेप 1: http://janushadhi.gov.in वेबसाइट खोलें।

स्टेप 2: Product & MRP List सेक्शन में जाएं।

स्टेप 3: यहां आपको PDF डाउनलोड का ऑप्शन मिलेगा।

स्टेप 4: PDF में 2000+ दवाओं के नाम, सॉल्ट, पैक साइज और MRP दिया है।

मोबाइल ऐप से प्राइस कंपेयर करें

JanAushadhi Sugam ऐप का सबसे अच्छा फीचर है Search Medicine। इसमें आप ब्रांडेड दवा का नाम डालेंगे तो ऐप आपको उसका जेनेरिक विकल्प और कीमत बता देगा।

उदाहरण: आपने Calpol 650 डाला। ऐप बताएगा कि इसका जेनेरिक सॉल्ट Paracetamol 650mg जन औषधि पर 8 रुपये में 10 टैबलेट है।

अपना जन औषधि केंद्र कैसे खोलें

पूरी प्रक्रिया, अगर आप अपना मेडिकल स्टोर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो जन औषधि केंद्र बेस्ट ऑप्शन है। सरकार खुद मदद करती है।

कौन खोल सकता है: PM जन औषधि योजना में पात्रता: व्यक्ति, कोई भी भारतीय नागरिक, उम्र 18 साल से ऊपर। 10वीं पास होना जरूरी।

1- संस्था: NGO, ट्रस्ट, प्राइवेट हॉस्पिटल, सोसाइटी, सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, पंचायत।http://D.Pharma या http://B.Pharma की डिग्री जरूरी नहीं है। लेकिन आपको एक फार्मासिस्ट रखना पड़ेगा

जरूरी दस्तावेज:l

1-आधार कार्ड, पैन कार्ड।

2- 10वीं का सर्टिफिकेट।

3- दुकान का पता प्रूफ: बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट।

4- 120 वर्ग फुट की दुकान। खुद की या किराए की।

5- फार्मासिस्ट का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बैंक अकाउंट डिटेल।

नोट: अगर आप खुद का जन औषधि केंद्र खोलना चाहते हैं तो उसके लिए ₹2.5 लाख तक की मदद सरकार देती है।

लेकिन अगर एक्स्ट्रा पैसा चाहिए तो आप मुद्रा लोन योजना से 10 लाख तक का लोन ले सकते हैं। मुद्रा लोन कैसे लें इसकी पूरी गाइड यहाँ पढ़ें।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें

स्टेप 1: http://janushadhi.gov.in पर जाएं और Apply for Kendra पर क्लिक करें।

स्टेप 2: नया रजिस्ट्रेशन करें। मोबाइल OTP से वेरिफाई करें।

स्टेप 3: फॉर्म में पर्सनल डिटेल, दुकान का पता, फार्मासिस्ट डिटेल भरें।

स्टेप 4: सभी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें।

स्टेप 5: फॉर्म सबमिट करें। एप्लीकेशन ID नोट कर लें।

नोट: BPPI (Bureau of Pharma PSUs of India) की टीम 30 दिन के अंदर आपकी दुकान का इंस्पेक्शन करेगी। सब सही रहा तो ड्रग लाइसेंस और अप्रूवल मिल जाएगा।

कितनी कमाई होगी

1- इंसेंटिव और मार्जिन: PM जन औषधि योजना में हर दवा की बिक्री पर 20% मार्जिन मिलता है।

2- मासिक इंसेंटिव: 5 लाख तक की बिक्री पर 15% एक्स्ट्रा इंसेंटिव, अधिकतम 15000/- रुपये महीना। ये 2 साल तक मिलता है।

3- स्पेशल इंसेंटिव: PM जन औषधि योजना में महिला, SC-ST, नॉर्थ-ईस्ट को 2 लाख रुपये एकमुश्त।

नोट: मतलब अगर आप महीने का 1 लाख बेचते हैं तो 20000/- मार्जिन + 15000/- इंसेंटिव = 35000/- महीना कमाई। दुकान का किराया और फार्मासिस्ट की सैलरी निकालकर भी 20000/- से 25000/- बचत है।

डॉक्टर जेनेरिक दवा क्यों नहीं लिखते सच्चाई

MCI (Medical Council of India) का नियम है कि हर डॉक्टर को दवा का जेनेरिक नाम लिखना चाहिए। लेकिन प्रैक्टिस में 90% डॉक्टर ब्रांड नाम लिखते हैं। इसकी 3 वजह हैं-

1- आदत: मेडिकल कॉलेज से ही ब्रांड नाम याद कराया जाता है।

2- मार्केटिंग: मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का प्रेशर।

3- जागरूकता की कमी: मरीज खुद ब्रांड मांगता है।

4- आप क्या करें: डॉक्टर से रिक्वेस्ट करें कि पर्ची पर सॉल्ट नाम लिख दें। या जन औषधि केंद्र पर पर्ची दिखाएं। फार्मासिस्ट आपको सेम सॉल्ट की जेनेरिक दवा दे देगा।

PM जन औषधि योजना के नए अपडेट

1- PM जन औषधि योजना में 25000 केंद्र का लक्ष्य सरकार ने बजट 2026 में ऐलान किया कि मार्च 2027 तक देश में 25000 जन औषधि केंद्र खोले जाएंगे। हर ब्लॉक में कम से कम 1 केंद्र होगा।

2- 200 नई दवाइयां जुड़ीं इस साल कैंसर, थायराइड और स्किन डिजीज की 200 नई दवाइयां लिस्ट में जोड़ी गई हैं। अब कुल 2000+ दवाएं हो गई हैं।

3- जन औषधि सुविधा सैनिटरी नैपकिन, सिर्फ 1 रुपये में बायोडिग्रेडेबल सैनिटरी पैड मिल रहा है। ये स्कूल और कॉलेज की लड़कियों के लिए बहुत बड़ी राहत है। अब तक 50 करोड़ पैड बेचे जा चुके हैं।

4- PM जन औषधि योजना में डोरस्टेप डिलीवरी शुरू, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों में BPPI ने पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। अब आप ऐप से ऑर्डर करके घर पर दवा मंगा सकते हैं। जल्द ही पूरे भारत में शुरू होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ

सवाल 1: क्या जन औषधि की दवा असली है?

जवाब: हां, 100% असली है। सभी दवाएं WHO-GMP और भारत के ड्रग कंट्रोलर से अप्रूव्ड कंपनियों से आती हैं। हर बैच का लैब टेस्ट होता है।

सवाल 2: क्या बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा मिल जाएगी?

जवाब: शेड्यूल H और H1 की दवाएं जैसे एंटीबायोटिक, BP, शुगर की दवा के लिए पर्ची जरूरी है। बुखार, दर्द, विटामिन जैसी OTC दवा बिना पर्ची मिल जाएगी।

सवाल 3: जन औषधि केंद्र रविवार को खुलता है?

जवाब: ये स्टोर के मालिक पर डिपेंड करता है। ज्यादातर केंद्र सुबह 9 से रात 9 बजे तक और हफ्ते के 7 दिन खुले रहते हैं। ऐप पर टाइमिंग चेक कर लें।

सवाल 4: PM जन औषधि योजना में क्या ऑनलाइन दवा मंगवा सकते हैं?

जवाब: अभी चुनिंदा शहरों में डोरस्टेप डिलीवरी शुरू हुई है। 2026 के अंत तक सभी बड़े शहरों में आ जाएगी। तब तक आपको केंद्र पर ही जाना पड़ेगा।

सवाल 5: PM जन औषधि योजना में फ्रेंचाइजी फीस कितनी है?

जवाब: PM जन औषधि योजना में कोई फ्रेंचाइजी फीस नहीं लगती। आवेदन बिल्कुल फ्री है। सिर्फ दुकान सेटअप और शुरुआती स्टॉक का खर्चा आपको करना है, करीब 2 से 2.5 लाख रुपये।

सवाल 6: क्या जन औषधि केंद्र पर एक्सपायर्ड दवाइयाँ वापस हो जाएंगी?

जवाब: नहीं। जन औषधि केंद्र से खरीदी हुई दवा वापस या एक्सचेंज नहीं होती – चाहे एक्सपायर्ड हो या न हो।

लेकिन चिंता मत करो। जन औषधि दवाइयों की एक्सपायरी 2-3 साल की होती है और स्टॉक FIFO तरीके से निकलता है।

फिर भी बिल लेते समय एक्सपायरी डेट जरूर चेक कर लें। अगर गलती से एक्सपायर्ड दे दी तो तुरंत स्टोर वाले को बताओ, वो बदल देगा। बिल के बिना वापसी नहीं होगी।

सवाल 7: क्या PM जन औषधि केंद्र में ब्यूटी आइटम या आयुर्वेदिक प्रोडक्ट रख सकते हैं?

जवाब: हाँ, रख सकते हैं। लेकिन सिर्फ BPPI से अप्रूव्ड प्रोडक्ट ही बेचे जा सकते हैं।

जन औषधि केंद्र पर अब सिर्फ दवा ही नहीं, बल्कि ये चीजें भी मिलती हैं-

1- सर्जिकल आइटम- मास्क, सैनिटाइज़र, डायपर, ऑक्सीमीटर।

2- न्यूट्रास्यूटिकल प्रोडक्ट – प्रोटीन पाउडर, हेल्थ सप्लीमेंट।

3- आयुर्वेदिक दवाएं – PM जन औषधि योजना में BPPI की लिस्ट वाली आयुर्वेदिक दवा, च्यवनप्राश, एलोवेरा जूस।

4- जन औषधि सुविधा – महिलाओं के लिए ₹1 वाला सैनिटरी पैड।

जरूरी शर्त: स्टोर मालिक अपनी मर्जी से बाहर का कोई भी ब्यूटी प्रोडक्ट, कॉस्मेटिक या लोकल आयुर्वेदिक सामान नहीं बेच सकता।

जो भी बेचना है वो BPPI की प्रोडक्ट लिस्ट में होना चाहिए और BPPI से ही खरीदना होगा।

क्यों? क्योंकि जन औषधि केंद्र का मकसद सस्ती दवा देना है। अगर बाहर का सामान बेचेंगे तो लाइसेंस रद्द हो सकता है।

टिप: पूरी प्रोडक्ट लिस्ट देखने के लिए http://janaushadhi.gov.in पर “Product List” चेक करें।

सवाल 8: अगर दवा लेने के बाद रिएक्शन हो जाए तो क्या करें?

जवाब: अगर जन औषधि की दवा से कोई साइड इफेक्ट या एलर्जी हो जाए तो:

1- तुरंत डॉक्टर को दिखाएं – दवा बंद करके अपने डॉक्टर से मिलें।

2- बिल संभाल कर रखें – बैच नंबर और बिल के बिना शिकायत नहीं होगी।

3- स्टोर पर शिकायत करें – जहाँ से खरीदी थी वहीं सूचना दें।

4- टोल-फ्री नंबर 1800-180-8080 पर कॉल करके बताएं।

ध्यान दें: PM जन औषधि योजना में जन औषधि की सारी दवाइयाँ WHO-GMP प्रमाणित कंपनियां बनाती हैं। क्वालिटी ब्रांडेड के बराबर होती है।

रिएक्शन ब्रांडेड दवा से भी हो सकता है। जरूरी लिंक: ऑफिसियल वेबसाइट: http://janushadhi.gov.in

टोल फ्री हेल्पलाइन: 1800-180-8080

मोबाइल ऐप: JanAushadhi Sugam

निष्कर्ष

1- आज ही शुरू करें बचत, PM जन औषधि योजना 2026 गरीब और मिडिल क्लास परिवारों के लिए वरदान है।

2- अगर आपके घर में हर महीने 1000/- रुपये से ज्यादा की दवा आती है तो आज ही नजदीकी जन औषधि केंद्र पर जाएं।

3- पहली बार में 1-2 दवा खरीदकर टेस्ट करें। फर्क खुद दिख जाएगा। पैसा भी बचेगा और क्वालिटी से कोई समझौता नहीं।

4- अगर आपको बिजनेस करना है तो जन औषधि केंद्र खोलें। कम निवेश, सरकार का पैसा। आपको ये जानकारी कैसी लगी? क्या आप जन औषधि केंद्र से दवा लेते हैं?

5- अपना अनुभव नीचे कमेंट में जरूर बताएं। पोस्ट को अपने परिवार और दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग सस्ती दवा का फायदा उठा सकें।

डिस्क्लेमर

1- PM जन औषधि योजना में इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के लिए है। कोई भी दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

2- दवाइयों के दाम समय के साथ बदल सकते हैं। लेटेस्ट प्राइस के लिए http://janushadhi.gov.in चेक करें।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *