भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के तहत 4 मंजिला अपार्टमेंट बिल्डिंग, परिवार के साथ पूर्व सैनिक

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना घर की सब्सिडी कैसे पाएं?

परिचय

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना राष्ट्र के रक्षकों का अधिकार है भारतीय सेना, नौ सेना तथा वायु सेना में अपना जीवन समर्पित करने वाले हर सैनिक का यह स्वप्न होता है, कि सेवानिवृत्ति के पश्चात उसके परिवार का अपना एक घर हो-

वर्षों तक दुर्गम पहाड़ों, रेगिस्तान, समुद्र और सीमा पर तैनात रहकर देश की रक्षा करने के बाद जब एक जवान नागरिक जीवन में प्रवेश करता है तो आवास की समस्या उसके सम्मुख सबसे बड़ी चुनौती बनकर खड़ी होती है-

भारत सरकार ने अपने वीर सैनिकों के त्याग और बलिदान को सम्मान देने के लिए भूतपूर्व सैनिक आवास योजना का सृजन किया है। यह केवल एक कल्याणकारी योजना नहीं है, यह राष्ट्र का अपने रक्षकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम है-

इस भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारें मिलकर सेवानिवृत्त सैनिकों, वीर नारियों तथा शहीदों के आश्रितों को आवास सुविधा में विशेष आरक्षण तथा आर्थिक सहायता प्रदान करती हैं-

इस लेख के प्रथम भाग में हम केंद्र सरकार की योजनाओं, पात्रता की शर्तों, आवश्यक दस्तावेजों, आवेदन प्रक्रिया तथा कुछ प्रमुख राज्यों में मिलने वाले लाभ की विस्तृत जानकारी देंगे-

अगर आप पूर्व सैनिक हैं, और घर लेने की योजना बना रहे हैं, तो पूर्व सैनिकों के लिए हाउसिंग स्कीम के साथ-साथ PM सूर्य घर योजना का लाभ भी उठाकर बिजली का खर्च बचा सकते हैं।

1- केंद्र सरकार की प्रमुख संस्थाएं और उनकी योजनाएं

रक्षा मंत्रालय द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए सेना कल्याण आवास संगठन (AWHO) और एयर फोर्स नेवल हाउसिंग बोर्ड (AFNHB) जैसी संस्थाएं बनाई गई हैं-

इनका मुख्य उद्देश्य, सेवानिवृत्त सैनिकों और उनके परिवारों को किफायती दरों पर आवास उपलब्ध कराना है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना इन्हीं संस्थाओं के माध्यम से संचालित होती है-

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना AWHO Flats for Ex Servicemen Retired Soldiers Housing Scheme.
भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के तहत सेना कल्याण आवास संगठन द्वारा बनाए गए फ्लैट्स।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना को मुख्यत: रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्यरत दो प्रमुख संस्थाएं संचालित करती हैं-

A- सेना कल्याण आवास संगठन

सेना कल्याण आवास संगठन इस योजना की सबसे बड़ी कार्यान्वयन संस्था है, इसकी स्थापना का मुख्य उद्देश्य, सेवानिवृत्त सैनिकों को उचित मूल्य-

पर गुणवत्तापूर्ण भूतपूर्व सैनिक आवास योजना उपलब्ध कराना है। यह संगठन देश के विभिन्न महानगरों तथा बड़े नगरों में बहुमंजिला आवासीय परिसरों का निर्माण करता है-

प्रमुख परियोजना स्थल दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़, भोपाल, अहमदाबाद हैं। इन परियोजनाओं में दो शयनकक्ष-

तथा भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में तीन शयनकक्ष वाले भवन बनाए जाते हैं। इन भवनों की सबसे बड़ी विशेषता यह है, कि इनका मूल्य खुले बाजार में उपलब्ध उसी श्रेणी के भवनों की तुलना में बीस से तीस प्रतिशत तक कम होता है-

भुगतान के लिए भी बहुत सरल किस्तों की व्यवस्था की गई है। आवंटन के समय कुल मूल्य का केवल दस से पंद्रह प्रतिशत देना होता है। शेष राशि का भुगतान निर्माण की प्रगति के अनुसार तीन से चार वर्षों में किया जा सकता है-

इस भूतपूर्व सैनिक आवास योजना का लाभ केवल थल सेना, नौ सेना और वायु सेना से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुए सैनिक, युद्ध विधवा वीर नारी, तथा कर्तव्य के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों के आश्रित ही ले सकते हैं।

B- सेना कल्याण आवास संघ

बहुत से सेवानिवृत्त सैनिक अपना घर स्वयं अपने अनुसार बनाना चाहते हैं। उनकी इस इच्छा को ध्यान में रखते हुए सेना कल्याण आवास संघ का गठन किया गया है-

यह संघ छावनी क्षेत्रों के निकट तथा अन्य उपयुक्त स्थानों पर भूमि का अधिग्रहण करके भूखंड विकसित करता है। इन भूखंडों का आकार सामान्यत’ दो सौ वर्ग गज से पाँच सौ वर्ग गज तक होता है-

इनका मूल्य भी बाजार दर से बहुत कम रखा जाता है। सेवानिवृत्त सैनिक सामूहिक रूप से इन भूखंडों को लेकर अपनी एक आवासीय समिति बना सकते हैं-

इससे उन्हें एक सुरक्षित, अनुशासित और सैन्य संस्कारों से युक्त सामाजिक वातावरण प्राप्त होता है। इस प्रकार की सैनिक कॉलोनियां देश के कई भागों में सफलतापूर्वक विकसित की गई हैं।

2- योजना के लिए पात्रता की शर्तें

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को सरकार द्वारा तय की गई पात्रता शर्तों, को पूरा करना अनिवार्य है। यदि कोई भी शर्त पूरी नहीं होती है तो आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए पात्रता दस्तावेज और फाइल
योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज और आवेदन फाइल।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य है-

A- आवेदक भारतीय थल सेना, भारतीय नौ सेना या भारतीय वायु सेना से सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त हुआ हो। अनुशासनहीनता के कारण सेवा से बर्खास्त किए गए कार्मिक इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

B- भूतपूर्व सैनिक आवास योजना का आवेदक के पास सेवा मुक्ति पुस्तिका तथा पेंशन भुगतान आदेश की मूल प्रति होनी चाहिए। अल्पकालिक सेवा आयोग के अधिकारियों के लिए न्यूनतम पाँच वर्ष की सेवा अनिवार्य है।

C- आवेदक का नाम अपने गृह जिले के जिला सैनिक बोर्ड में पंजीकृत होना चाहिए। सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद यह पंजीकरण कराना आवश्यक है।

D- आवेदक या उसके जीवन साथी के नाम पर भारत में कहीं भी पहले से कोई सरकारी आवास, भूखंड या भवन आवंटित नहीं होना चाहिए। इस आशय का एक शपथ पत्र देना होता है।

E- युद्ध में वीरगति को प्राप्त हुए सैनिकों की पत्नी वीर नारी तथा उनके आश्रित बच्चे भी इस योजना के लिए पूर्णत पात्र हैं। उनके लिए आरक्षण में अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाती है।

3- आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में आवेदन करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा कुछ जरूरी दस्तावेज तय किए गए हैं-

इन दस्तावेजों के बिना AWHO या AFNHB में आपका फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है। इसलिए आवेदन से पहले नीचे दी गई सभी डॉक्यूमेंट्स की ओरिजिनल और फोटोकॉपी तैयार रखें।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज Discharge Book Aadhaar PAN Card Retired Soldiers Housing Scheme Documents.
भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के आवेदन हेतु ये दस्तावेज तैयार रखें।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना का आवेदन पत्र के साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की स्वयं प्रमाणित छायाप्रति लगाना आवश्यक है। मूल दस्तावेज सत्यापन के समय दिखाने होंगे-

A- सेवा मुक्ति पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ तथा अंतिम पृष्ठ की छायाप्रति जिसमें सेवा विवरण अंकित हो।

B- भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए पेंशन भुगतान आदेश की छायाप्रति।

C- जिला सैनिक बोर्ड द्वारा जारी किया गया भूतपूर्व सैनिक होने का मूल प्रमाण पत्र। यह प्रमाण पत्र छह माह से अधिक पुराना नहीं होना चाहिए।

D- आधार कार्ड की छायाप्रति।

E- स्थायी खाता संख्या कार्ड की छायाप्रति।

F- बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की छायाप्रति जिसमें खाता संख्या और शाखा का विवरण हो।

G- हाल ही का पासपोर्ट आकार का रंगीन चित्र।

H- एक सौ रुपये के स्टाम्प पत्र पर नोटरी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र।

4- आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि हर सैनिक इसका लाभ ले सके-

चरण 1- जिला सैनिक बोर्ड में पंजीकरण

सेवानिवृत्ति के उपरांत सबसे पहला कार्य अपने गृह जिले के जिला सैनिक बोर्ड कार्यालय में जाकर अपना नाम दर्ज कराना है-

जिला सैनिक बोर्ड आपको एक विशिष्ट पंजीकरण संख्या प्रदान करेगा। भविष्य में केंद्र और राज्य सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ इसी पंजीकरण संख्या के माध्यम से मिलेगा।

चरण 2- आवेदन पत्र प्राप्त करना

सेना कल्याण आवास संगठन की योजना के लिए आवेदन पत्र संगठन की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है-

राज्य सरकार की योजनाओं के लिए संबंधित विकास प्राधिकरण या आवास मंडल की वेबसाइट पर जाना होगा। यह आवेदन पत्र जिला सैनिक बोर्ड के कार्यालय से निशुल्क भी प्राप्त किया जा सकता है।

चरण 3- पत्र को भरना और जमा करना

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए आवेदन पत्र को नीले या काले रंग की स्याही से साफ अक्षरों में भरा जाना चाहिए। सभी मांगी गई सूचना सही और पूर्ण रूप से भरें-

कोई भी कॉलम खाली न छोड़ें, पत्र भरने के बाद उसके साथ ऊपर बताए गए सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें। अब इस पूर्ण आवेदन पत्र को अपने जिला सैनिक बोर्ड के कार्यालय में जमा कर दें-

जिला सैनिक बोर्ड का कल्याण अनुभाग आपके आवेदन पत्र और सभी दस्तावेजों का सत्यापन करेगा। सत्यापन पूर्ण होने के उपरांत जिला सैनिक कल्याण अधिकारी-

अपनी संस्तुति के साथ आपके आवेदन को सेना कल्याण आवास संगठन या संबंधित राज्य प्राधिकरण को अग्रसारित कर देगा। आपको स्वयं पत्र भेजने की आवश्यकता नहीं है।

चरण 4- आवंटन की प्रक्रिया

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए आवंटन मुख्य रूप से दो पद्धतियों से किया जाता है। यदि किसी परियोजना में उपलब्ध भवन या भूखंड की संख्या आवेदकों की संख्या से कम होती है तो कंप्यूटर द्वारा पारदर्शी लॉटरी निकाली जाती है-

दूसरी पद्धति वरिष्ठता की है। इसमें भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए आवेदक की सेवा अवधि, पद तथा सेवानिवृत्ति के वर्ष को प्राथमिकता दी जाती है। चयनित होने पर आपको पंजीकृत डाक द्वारा आवंटन पत्र तथा मांग पत्र प्राप्त होगा।

5- राज्यों द्वारा दिया गया विशेष आरक्षण

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए केंद्र सरकार के अतिरिक्त भारत के लगभग सभी राज्य अपनी आवास विकास योजनाओं में भूतपूर्व सैनिकों के लिए विशेष आरक्षण का प्रावधान करते हैं-

यह आरक्षण राज्य की नीति के अनुसार दो प्रतिशत से लेकर तेरह प्रतिशत तक होता है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए उपलब्ध आवासीय सुविधाओं का विवरण-

उत्तर प्रदेश: भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद तथा प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों जैसे लखनऊ विकास प्राधिकरण-

कानपुर विकास प्राधिकरण, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, आगरा विकास प्राधिकरण, वाराणसी विकास प्राधिकरण, मेरठ विकास प्राधिकरण-

की हर नई आवासीय योजना में भूतपूर्व सैनिकों के लिए दो प्रतिशत भवन आरक्षित किए जाते हैं। यह आरक्षण भूखंड और भवन दोनों पर लागू होता है-

आवेदन करने के लिए जिला सैनिक बोर्ड द्वारा जारी किया गया भूतपूर्व सैनिक होने का प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है।

पंजाब: पंजाब राज्य देश में भूतपूर्व सैनिकों को सबसे अधिक लाभ प्रदान करता है। यहाँ ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण-

पटियाला विकास प्राधिकरण, लुधियाना विकास प्राधिकरण, जालंधर विकास प्राधिकरण, अमृतसर विकास प्राधिकरण-

द्वारा विकसित की जाने वाली सभी आवासीय योजनाओं में तेरह प्रतिशत आरक्षण दिया गया है भूतपूर्व सैनिक आवास-

योजना के लिए यह आरक्षण न केवल भवन बल्कि आवासीय भूखंड पर भी लागू होता है। पंजाब सरकार सैनिकों के सम्मान को सर्वोपरि मानती है।

हरियाणा: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अपनी सभी आवासीय तथा भूखंड योजनाओं में दस प्रतिशत आरक्षण-

भूतपूर्व सैनिकों के लिए सुरक्षित रखता है। पंचकूला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, करनाल, हिसार, रोहतक, अंबाला, पानीपत जैसे शहरों-

में इस योजना का बहुत बड़ा लाभ मिलता है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए हरियाणा सरकार की एक बहुत महत्वपूर्ण नीति यह भी है कि उसने-

राज्य में सेवानिवृत्त सैनिकों के स्व-अधिकृत आवासीय भवन पर लगने वाले संपत्ति कर को पूर्णत माफ कर दिया है। यह एक बहुत बड़ी आर्थिक राहत है।

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण अपनी सभी योजनाओं में पाँच प्रतिशत आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए निर्धारित करता है-

मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक, औरंगाबाद, ठाणे, नवी मुंबई जैसे महंगे महानगरों में यह आरक्षण बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है-

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए महाराष्ट्र सरकार के नियमानुसार यह आरक्षण सीधी भर्ती से आए हुए सैनिकों को ही प्राप्त होता है।

राजस्थान: राजस्थान आवास मंडल की सभी आवासीय योजनाओं में पाँच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। जयपुर, जोधपुर-

उदयपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर में भूतपूर्व सैनिक इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। राजस्थान में भी संपत्ति कर में छूट का प्रावधान है।

मध्य प्रदेश: भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा तीन प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन में यह सुविधा उपलब्ध है।

गुजरात: गुजरात आवास बोर्ड द्वारा दो प्रतिशत आरक्षण दिया जाता है, अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, गांधीनगर में भूतपूर्व सैनिक पात्र हैं।

उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में भूतपूर्व सैनिकों की संख्या बहुत अधिक है। इसे ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड आवास एवं विकास परिषद ने-

पाँच प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी, रुद्रपुर, काशीपुर में विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण में भी पाँच प्रतिशत आरक्षण है। शिमला, सोलन, मंडी, धर्मशाला-

कुल्लू में यह सुविधा उपलब्ध है। पहाड़ी राज्य होने के कारण यहाँ आवास की समस्या अधिक है, इसलिए यह आरक्षण बहुत सहायक है।

बिहार: बिहार राज्य आवास बोर्ड अपनी सभी आवासीय योजनाओं में दो प्रतिशत आरक्षण भूतपूर्व सैनिकों के लिए प्रदान करता है-

पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया जैसे नगरों में विकास प्राधिकरण की योजनाओं में यह लाभ लिया जा सकता है-

बिहार सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि शहीद सैनिकों के आश्रितों को आवंटन में सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

झारखंड: झारखंड राज्य आवास बोर्ड द्वारा भी दो प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग में आवासीय-

भूखंड और भवन की योजनाओं में भूतपूर्व सैनिक भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिला सैनिक बोर्ड के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाती है।

छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अपनी योजनाओं में तीन प्रतिशत आरक्षण देता है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, कोरबा, रायगढ़ में यह सुविधा उपलब्ध है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने यह निर्देश दिया है कि आवंटन प्रक्रिया में लॉटरी के साथ-साथ युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों को अतिरिक्त अंक दिए जाएं।

ओडिशा: ओडिशा राज्य आवास बोर्ड में दो प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। भुवनेश्वर, कटक, राउरकेला, संबलपुर, पुरी में भूतपूर्व-

सैनिक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए राज्य सरकार ने वीर नारियों के लिए आवेदन शुल्क में पूर्ण छूट दी है।

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल आवास अवसंरचना विकास निगम की योजनाओं में दो प्रतिशत आरक्षण है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए कोलकाता, आसनसोल, सिलीगुड़ी, दुर्गापुर, हावड़ा में यह सुविधा लागू है।

असम: असम राज्य आवास बोर्ड में दो प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, सिलचर, तेजपुर में भूतपूर्व-

सैनिक पात्र हैं। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात रहे सैनिकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।

अन्य पूर्वोत्तर राज्य: इसी तरह भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम-

त्रिपुरा में भी राज्य आवास बोर्ड द्वारा दो से तीन प्रतिशत तक का आरक्षण दिया गया है, इन राज्यों में भूतपूर्व सैनिकों की संख्या को-

देखते हुए जिला सैनिक बोर्ड बहुत सक्रिय भूमिका निभाते हैं। इन राज्यों में भूखंड आवंटन पर अधिक बल दिया जाता है।

तमिलनाडु: तमिलनाडु आवास बोर्ड अपनी योजनाओं में तीन प्रतिशत आरक्षण प्रदान करता है। चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली, सेलम, तिरुनेलवेली में यह सुविधा उपलब्ध है।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए तमिलनाडु सरकार ने परमवीर चक्र, महावीर चक्र विजेताओं के लिए आवंटन में विशेष कोटा निर्धारित किया है।

कर्नाटक: कर्नाटक आवास मंडल में तीन प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए बेंगलुरु-

मैसूर, हुबली-धारवाड़, मंगलुरु, बेलगावी में भूतपूर्व सैनिक आवेदन कर सकते हैं। बेंगलुरु जैसे महानगर में यह आरक्षण बहुत महत्वपूर्ण है।

केरल: केरल राज्य आवास बोर्ड में दो प्रतिशत आरक्षण है। तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझिकोड, त्रिशूर, कोल्लम में यह सुविधा-

मिलती है। केरल सरकार ने नौ सेना से सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए तटीय क्षेत्रों में प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

आंध्र प्रदेश: भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए आंध्र प्रदेश आवास मंडल में तीन प्रतिशत आरक्षण है। विशाखापट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर, नेल्लोर, कुरनूल, तिरुपति में भूतपूर्व सैनिक पात्र हैं।

तेलंगाना: तेलंगाना राज्य आवास निगम में तीन प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। हैदराबाद, वारंगल, निजामाबाद, करीमनगर-

खम्मम में यह सुविधा उपलब्ध है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए हैदराबाद में सेना कल्याण आवास संगठन की बड़ी परियोजनाएं भी हैं।

जम्मू और कश्मीर: जम्मू और कश्मीर आवास बोर्ड में पाँच प्रतिशत आरक्षण है। जम्मू, श्रीनगर, उधमपुर, अनंतनाग, बारामूला-

में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। सीमा पर तैनात रहे सैनिकों और शहीदों के परिवारों को इस योजना में सबसे ऊपर रखा जाता है।

दिल्ली: दिल्ली विकास प्राधिकरण अपनी हर नई आवासीय योजना में एक प्रतिशत भवन भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के लिए आरक्षित करता है-

दिल्ली में भूमि की कमी के कारण आरक्षण कम है, परंतु यहाँ की योजनाओं का मूल्य बहुत अधिक होता है, इसलिए एक प्रतिशत भी बहुत बड़ा लाभ है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से होता है।

गोवा: गोवा आवास बोर्ड में दो प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए पणजी, मडगांव-

वास्को में यह सुविधा है। नौ सेना के सेवानिवृत्त सैनिकों की संख्या अधिक होने के कारण गोवा में इस योजना की बहुत मांग है।

चंडीगढ़: केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ आवास बोर्ड में पाँच प्रतिशत आरक्षण है। चंडीगढ़ एक नियोजित शहर है और यहाँ आवास का मूल्य बहुत अधिक है। इसलिए यह आरक्षण सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

6- वित्तीय सहायता और ऋण सुविधा का विस्तृत विवरण

रक्षा मंत्रालय की इस योजना में पूर्व सैनिकों को AWHO/AFNHB के जरिए सरकारी बैंकों से 8.40% की कम ब्याज दर पर होम लोन और डाउन पेमेंट में विशेष छूट मिलती है।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में बैंक से होम लोन लेकर फ्लैट खरीदें Ex-Servicemen Housing Loan Process.
भूतपूर्व सैनिक आवास योजना: बैंक से होम लोन लेकर अपना फ्लैट ले सकते हैं।

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में आवास खरीदना या बनाना एक बड़ा आर्थिक दायित्व है। इसे समझते हुए सरकार ने भूतपूर्व सैनिकों के लिए कई वित्तीय सहायता योजनाएं चलाई हैं।

A- केंद्रीय सैनिक बोर्ड ऋण योजना

केंद्रीय सैनिक बोर्ड, रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। यह बोर्ड सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष से घर के निर्माण या मरम्मत के लिए ऋण प्रदान करता है। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम दो लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है-

इस ऋण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यदि ऋण लेने वाला सैनिक मूलधन और ब्याज का नियमित भुगतान करता है। तो कुल ऋण राशि का पचास प्रतिशत भाग अनुदान के रूप में माफ कर दिया जाता है-

अर्थात दो लाख के ऋण पर केवल एक लाख रुपये ही लौटाने होते हैं। यह ऋण ब्याज मुक्त होता है। आवेदन अपने जिले के जिला सैनिक बोर्ड के माध्यम से किया जाता है।

B- बैंकों द्वारा विशेष गृह ऋण योजना

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में देश के लगभग सभी सरकारी बैंक भूतपूर्व सैनिकों के लिए विशेष गृह ऋण योजना चलाते हैं-

भारतीय स्टेट बैंक रक्षक गृह ऋण: यह योजना विशेष रूप से रक्षा कर्मियों के लिए है। इसमें ब्याज दर सामान्य नागरिकों की तुलना में शून्य दशमलव पाँच प्रतिशत कम होती है-

ऋण की प्रक्रिया शुल्क, पूर्व भुगतान शुल्क और प्रलेखन शुल्क पूरी तरह माफ होते हैं। ऋण की अवधि तीस वर्ष तक हो सकती है।

पंजाब राष्ट्रीय बैंक रक्षक प्लस योजना: भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के लिए इस योजना में भी ब्याज दर में छूट दी जाती है। साथ ही दुर्घटना बीमा का लाभ भी निशुल्क दिया जाता है-

महिला आवेदक वीर नारी होने पर ब्याज दर में अतिरिक्त शून्य दशमलव शून्य पाँच प्रतिशत की छूट मिलती है।

अन्य बैंक: जैसे बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक भी इसी प्रकार की योजनाएं चलाते हैं। ऋण लेने के लिए सेवा मुक्ति पुस्तिका, पेंशन भुगतान आदेश और जिला सैनिक बोर्ड का प्रमाण पत्र आवश्यक होता है-

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में पूर्व सैनिकों के पुनर्वास और आवास से जुड़ी सभी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए आप DGR की आवास योजना जानकारी यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं-

सेवानिवृत्ति के बाद अगर आप अपना घर लेने के साथ-साथ खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, तो सरकार की Start-up India योजना के तहत रजिस्ट्रेशन, टैक्स छूट और फंडिंग का लाभ भी उठा सकते हैं।

7- सफलता की सच्ची कहानियां

भूतपूर्व सैनिक आवास योजना में सरकार की इस योजना से नायब सूबेदार महेंद्र सिंह, हवलदार राम सिंह और सूबेदार मेजर कृष्ण कुमार जैसे हजारों पूर्व सैनिकों को अपना घर मिल चुका है-

आइए इन वीर सैनिकों की सफलता की सच्ची कहानियां जानते हैं जिन्होंने आवास योजना का लाभ उठाकर अपने परिवार को सुरक्षित छत दी।

कहानी 1

नायब सूबेदार महेंद्र सिंह, (राजस्थान): नायब सूबेदार महेंद्र सिंह राजपूताना राइफल्स से वर्ष दो हजार बीस में सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने जयपुर में राजस्थान आवास मंडल की योजना में आवेदन किया-

पाँच प्रतिशत आरक्षण के अंतर्गत लॉटरी में उनका नाम आया। उन्हें बाजार मूल्य से पंद्रह लाख रुपये कम में तीन शयनकक्ष का भवन आवंटित हुआ-

उन्होंने केंद्रीय सैनिक बोर्ड से दो लाख का ऋण और भारतीय स्टेट बैंक से शेष राशि का ऋण लेकर भुगतान किया। आज वे अपने परिवार के साथ सुखपूर्वक रह रहे हैं।

कहानी 2

हवलदार जसवंत कौर, पंजाब: हवलदार जसवंत कौर सैन्य नर्सिंग सेवा से सेवानिवृत्त हुईं। भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के तहत उन्होंने मोहाली में विकास प्राधिकरण की योजना में तेरह प्रतिशत आरक्षण का लाभ लिया-

उन्हें तीन सौ वर्ग गज का भूखंड आवंटित हुआ। उन्होंने अपने सभी देयकों का भुगतान करके भूखंड पर दो मंजिला घर का निर्माण कराया। वे कहती हैं कि यह योजना महिला सैनिकों के लिए वरदान है।

कहानी 3

वीर नारी रीता देवी, उत्तराखंड: शहीद लांस नायक सुरेश सिंह की पत्नी रीता देवी को देहरादून में आवास विकास परिषद की योजना में भूतपूर्व सैनिक आवास योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर भवन आवंटित हुआ-

उत्तराखंड सरकार ने उनके संपत्ति कर को आजीवन माफ कर दिया है। वीर नारी के लिए यह बहुत बड़ी सहायता है।

8- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न FAQ

प्रश्न 1: क्या अल्पकालिक सेवा आयोग के अधिकारी पात्र हैं?

उत्तर: हाँ, यदि उन्होंने न्यूनतम योग्य सेवा अवधि जो पाँच वर्ष है, पूरी की है और उन्हें भूतपूर्व सैनिक का दर्जा प्राप्त है, तो वे पूर्ण रूप से पात्र हैं।

प्रश्न 2: क्या एक परिवार में पति और पत्नी दोनों सेना से हों तो दोनों को लाभ मिलेगा?

उत्तर: नहीं। एक परिवार को एक ही बार इस योजना का लाभ मिल सकता है। पति या पत्नी में से कोई एक ही आवेदन कर सकता है।

प्रश्न 3: यदि लॉटरी में नाम नहीं आता है तो क्या आवेदन शुल्क वापस मिलता है?

उत्तर: हाँ। यदि आपका चयन नहीं होता है तो आपके द्वारा जमा की गई पंजीकरण राशि ब्याज सहित वापस कर दी जाती है। केवल प्रक्रिया शुल्क वापस नहीं होता।

प्रश्न 4: क्या सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद ही आवेदन करना जरूरी है?

उत्तर: नहीं। सेवानिवृत्ति के बाद किसी भी समय आवेदन किया जा सकता है। कोई समय सीमा निर्धारित नहीं है। परंतु जितनी जल्दी आवेदन करेंगे, वरिष्ठता सूची में आपका नाम उतना ऊपर रहेगा।

प्रश्न 5: क्या किराये पर दिए गए भवन पर भी संपत्ति कर में छूट मिलेगी?

उत्तर: नहीं। संपत्ति कर में छूट केवल उस भवन पर मिलती है जिसमें भूतपूर्व सैनिक स्वयं अपने परिवार के साथ निवास कर रहा हो।

प्रश्न 6: क्या बिना लॉटरी के सीधे पूर्व सैनिक को मकान मिल सकता है?

उत्तर: नहीं। लगभग सभी राज्यों में पूर्व सैनिक आवास योजना के तहत मकानों का आवंटन लॉटरी सिस्टम से ही होता है। लॉटरी में नाम आने के बाद ही मकान मिलता है।

बिना लॉटरी के सीधे आवंटन का कोई प्रावधान नहीं है। प्रतीक्षा सूची में आपका नाम जितना ऊपर रहेगा, उतनी जल्दी लॉटरी में आपका नंबर आएगा।

प्रश्न 7: मार्केट रेट और पूर्व सैनिक को मिलने वाले मकान की कीमत में कितना अंतर होता है? कितने रुपये का फायदा हो सकता है?

उत्तर: पूर्व सैनिक आवास योजना में मकान सरकारी रेट पर मिलता है जो मार्केट रेट से 30% से 50% तक सस्ता होता है।

उदाहरण के लिए: अगर मार्केट में 2BHK फ्लैट 40 लाख का है, तो योजना के तहत वही फ्लैट आपको 20-28 लाख में मिल सकता है। यानी सीधे 12-20 लाख रुपये तक की बचत हो जाती है।

साथ ही ब्याज दर भी कम होती है और किस्तें लंबी अवधि की होती हैं। सही कीमत राज्य और शहर के अनुसार अलग होती है।

निष्कर्ष

1- भूतपूर्व सैनिको के लिए, आपका अधिकार, आपका सम्मान भूतपूर्व सैनिक आवास योजना किसी दया या भीख का रूप नहीं है।

2- यह राष्ट्र द्वारा अपने उन वीर सपूतों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का एक तरीका है जिन्होंने अपने जीवन के स्वर्णिम वर्ष देश की सीमाओं की रक्षा में समर्पित कर दिए।

3- एक घर केवल ईंट और पत्थर का ढांचा नहीं होता। यह सम्मान, सुरक्षा और स्थिरता का प्रतीक है। सेवानिवृत्ति के बाद जब एक सैनिक नागरिक जीवन में लौटता है।

4- तो यह घर उसे और उसके परिवार को एक नई शुरुआत का आधार देता है। अतः सभी सेवानिवृत्त सैनिक भाइयों और वीर नारियों से अनुरोध है कि संकोच त्याग कर अपने अधिकार के लिए आगे आएं।

5- आज ही अपने निकटतम जिला सैनिक कल्याण कार्यालय में संपर्क करें। योजना की पूरी जानकारी लें और आवेदन करें। यह आपके वर्षों के त्याग, तपस्या और बलिदान का प्रतिफल है।

6- अपने साथी सेवानिवृत्त सैनिकों तक भी यह जानकारी अवश्य पहुंचाएं। क्योंकि ज्ञान बांटने से बढ़ता है। एक सैनिक दूसरे सैनिक की सबसे बड़ी सहायता कर सकता है।

7- यदि आपको आवेदन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कठिनाई आती है तो आप केंद्रीय सैनिक बोर्ड की सहायता पंक्ति पर संपर्क कर सकते हैं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी आपकी सहायता के लिए सदैव तत्पर हैं।

सभी सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी के लिए आप DGR की आवास योजना जानकारी यहाँ से प्राप्त कर सकते हैं।

जय हिन्द। जय जवान। जय भारत।

अस्वीकरण

1- इस वेबसाइट पर दी गई भूतपूर्व सैनिक आवास योजना से संबंधित सभी जानकारी केवल सामान्य सूचना और शिक्षा के उद्देश्य से है।

2- हम किसी भी प्रकार से भारत सरकार, रक्षा मंत्रालय, सैनिक कल्याण विभाग या किसी अन्य सरकारी संस्था से संबद्ध नहीं हैं।

3- योजना की पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है। किसी भी कार्रवाई से पहले कृपया योजना की आधिकारिक वेबसाइट-

4- https://www.desw.gov.in या निकटतम सैनिक कल्याण कार्यालय से जानकारी की पुष्टि अवश्य कर लें। हम किसी भी गलत सूचना या वित्तीय हानि के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।

 

 

 

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