Swadesh Darshan Scheme भारत सरकार की

Swadesh Darshan Scheme 10 प्रमुख राज्यों के पर्यटन स्थल

परिचय

भारत सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए swadesh darshan scheme शुरू की है। इस पोस्ट में हम आपको इस योजना  के तहत के सभी पर्यटन स्थलों की जानकारी देंगे। swades Darshan Scheme के 10 पर्यटन स्थलों की पूरी लिस्ट-

1- जम्मू कश्मीर

जम्मू कश्मीर स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट का हिस्सा है और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है।

Swadesh Darshan Yojana जम्मू कश्मीर - श्रीनगर डल झील शिकारा
Swadesh Darshan Yojana के तहत जम्मू कश्मीर का हिमालयन सर्किट: श्रीनगर डल झील।

जम्मू कश्मीर स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट का हिस्सा है और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है-

जम्मू कश्मीर स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट का हिस्सा है और यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को सबसे ज्यादा आकर्षित करती है-

Swadesh Darshan Scheme  के तहत हिमालयन सर्किट में शामिल है-

श्रीनगर

क्यों प्रसिद्ध है: डल झील। शिकारा। मुगल गार्डन।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अप्रैल से अक्टूबर।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से सीधी फ्लाइट।

टिकट शुल्क: शिकारा 500/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत झील और घाटों का विकास हुआ है।

गुलमर्ग

क्यों प्रसिद्ध है: स्कीइंग। गोंडोला राइड। बर्फ के लिए फेमस।

घूमने का सबसे अच्छा समय: दिसंबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: श्रीनगर से 2 घंटे।

टिकट शुल्क: गोंडोला 800/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत एडवेंचर स्पोर्ट्स सुविधा मिली है।

कृपया ध्यान दें: भूतपूर्व सैनिक आवास योजना सेना के जवानों के वेलफेयर के अलावा सरकार स्वदेश दर्शन योजना से देश के पर्यटन को भी बढ़ावा दे रही है।

पहलगाम

क्यों प्रसिद्ध है: बेताब वैली। नदियां। शूटिंग लोकेशन

घूमने का सबसे अच्छा समय: मई से सितंबर।

कैसे पहुंचे: श्रीनगर से 3 घंटे।

टिकट शुल्क: घूमने की कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत ट्रेकिंग रूट बनाए गए हैं।

सोनमर्ग

क्यों प्रसिद्ध है: ग्लेशियर। थाजीवास ग्लेशियर।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मई से सितंबर।

कैसे पहुंचे: श्रीनगर से 3 घंटे।

टिकट शुल्क: घोड़ा 1000/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत पर्यटक सुविधाएं बढ़ी हैं।

2- हिमाचल प्रदेश 

हिमाचल प्रदेश स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट का प्रमुख राज्य है जो अपनी बर्फीली वादियों और पहाड़ी सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है।

Swadesh Darshan Scheme हिमाचल प्रदेश - शिमला के रंगीन घर और हिमालय
Swadesh Darshan Scheme के तहत हिमाचल प्रदेश: शिमला के रंगीन घर और बर्फीले पहाड़ों का खूबसूरत दृश्य।

Swadesh Darshan Scheme के तहत हिमालयन सर्किट-

शिमला

क्यों प्रसिद्ध है: मॉल रोड। कुफरी। बर्फ।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून। दिसंबर से जनवरी।

कैसे पहुंचे: कालका से टॉय ट्रेन।

टिकट शुल्क: घूमने की कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत हेरिटेज का संरक्षण हुआ है।

मनाली

क्यों प्रसिद्ध है: सोलांग वैली। रोहतांग। एडवेंचर।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून। अक्टूबर से फरवरी।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से 12 घंटे बस।

टिकट शुल्क: एक्टिविटी 1000/- रुपये।Swadesh Darshan Scheme के तहत एडवेंचर पार्क बना है।

धर्मशाला मैक्लोडगंज

क्यों प्रसिद्ध है: दलाई लामा। तिब्बती संस्कृति

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून। सितंबर से नवंबर।

कैसे पहुंचे: पठानकोट से 3 घंटे।

टिकट शुल्क: घूमने की कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत सांस्कृतिक केंद्र बना है।

डलहौजी

क्यों प्रसिद्ध है: देवदार के जंगल। शांत हिल स्टेशन।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अप्रैल से जून।

कैसे पहुंचे: पठानकोट से 4 घंटे।

टिकट शुल्क: घूमने की कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत व्यू पॉइंट डेवलप हुए हैं।

स्पीति वैली

क्यों प्रसिद्ध है: रेगिस्तान। मठ। नदियां।

घूमने का सबसे अच्छा समय: जून से सितंबर।

कैसे पहुंचे: शिमला से 2 दिन।

टिकट शुल्क: परमिट 500/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत इको टूरिज्म को बढ़ावा मिला है।

ध्यान दें: Swadesh Darshan Scheme के तहत सीनियर सिटीजन के लिए खास टूर पैकेज हैं। रिटायरमेंट के बाद पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना POMIS से आपको हर महीने पेंशन जैसी आय भी मिलेगी। और आप स्वदेश दर्शन योजना में पुरे भारत घूम सकते हैं।

3- उत्तराखंड

उत्तराखंड स्वदेश दर्शन योजना के हिमालयन सर्किट में शामिल है और यहाँ की झीलें, मंदिर और पहाड़ी नजारे पर्यटकों को खूब आकर्षित करते हैं।

Swadesh Darshan Scheme उत्तराखंड - नैनीताल की नैनी झील में रंगीन बोट
Swadesh Darshan Scheme के तहत उत्तराखंड- नैनीताल की नैनी झील में बोटिंग का आनंद।

Swadesh Darshan Scheme के तहत हिमालयन सर्किट-

नैनीताल

क्यों प्रसिद्ध है: नैनी झील में बोटिंग। मॉल रोड। स्नो व्यू पॉइंट।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून। सितंबर से नवंबर।

कैसे पहुंचे: काठगोदाम रेलवे स्टेशन से 35 KM। टिकट शुल्क: बोटिंग 300/- से 500/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत झील के किनारे वॉकिंग ट्रैक बना है।

मसूरी

क्यों प्रसिद्ध है: देवदार के जंगल। कैम्पटी फॉल। लाल टिब्बा।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून। सितंबर से नवंबर।

कैसे पहुंचे: देहरादून से 35 KM।

टिकट शुल्क: कोई एंट्री फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत केबल कार और व्यू पॉइंट बने हैं।

देहरादून

क्यों प्रसिद्ध है: रॉबर्स केव। सहस्त्रधारा। FRI।

घूमने का सबसे अच्छा समय: साल भर।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से सीधी ट्रेन और बस।

प्रवेश शुल्क: कोई नहीं। शहर में एंट्री फ्री है।Swadesh Darshan Scheme के तहत सिटी टूरिज्म की सुविधाएं बढ़ी हैं।

टिहरी झील

क्यों प्रसिद्ध है: एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील। वाटर स्पोर्ट्स।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: ऋषिकेश से 90 KM।

टिकट शुल्क: वाटर स्पोर्ट्स 1000/- रुपये से शुरू। Swadesh Darshan Scheme के तहत वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बना है।

कौसानी

क्यों प्रसिद्ध है: पंचाचूली पीक का सीधा व्यू। शांत हिल स्टेशन। कौसानी को भारत का स्विट्जरलैंड कहा जाता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून। सितंबर से नवंबर।

कैसे पहुंचे: अल्मोड़ा से 50 KM।

टिकट शुल्क: कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत होमस्टे को बढ़ावा मिला है।

रानीखेत

क्यों प्रसिद्ध है: गोल्फ कोर्स। चौबटिया गार्डन। हिमालय का नजारा

घूमने का सबसे अच्छा समय: अप्रैल से जून। सितंबर से दिसंबर।

कैसे पहुंचे: नैनीताल से 90 KM।

टिकट शुल्क: गार्डन 20/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत गार्डन और वॉकिंग ट्रेल बने हैं।

भीमताल

क्यों प्रसिद्ध है: भीमताल झील। आइलैंड एक्वेरियम।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून।

कैसे पहुंचे: नैनीताल से 22 KM।

टिकट शुल्क: एक्वेरियम 60/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत झील के आसपास बैठने की जगह बनी है।

मुनस्यारी

क्यों प्रसिद्ध है: पंचाचूली का बेस। ट्रेकिंग और फोटोग्राफी। अपनी बेमिसाल प्राकृतिक सुंदरता, बर्फीली चोटियों—विशेषकर पंचचूली के शानदार नजारों और ट्रेकिंग के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मई से जून। सितंबर से अक्टूबर।

कैसे पहुंचे: पिथौरागढ़ से 127 KM।

टिकट शुल्क: कोई फीस नहीं। Swadesh DarshanbScheme के तहत ट्रेकिंग रूट डेवलप हुए हैं।

चकराता

क्यों प्रसिद्ध है: टाइगर फॉल। बर्फ और शांति

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून।

कैसे पहुंचे: देहरादून से 98 KM।

टिकट शुल्क: कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत ईको टूरिज्म को बढ़ावा मिला है।

ग्वालदम

क्यों प्रसिद्ध है: नंदा देवी और त्रिशूल का व्यू

घूमने का सबसे अच्छा समय: अप्रैल से जून।

कैसे पहुंचे: कर्णप्रयाग से 40 KM।

टिकट शुल्क: कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत ट्रेकिंग और कैंपिंग सुविधा मिली है।

औली

क्यों प्रसिद्ध है: सर्दियों में स्कीइंग। गर्मियों में बुग्याल।

घूमने का सबसे अच्छा समय: दिसंबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: जोशीमठ से रोपवे।

टिकट शुल्क: रोपवे 750/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत स्की रिसॉर्ट बना है।

4- पंजाब

पंजाब स्वदेश दर्शन योजना के विरासत सर्किट का हिस्सा है और यहाँ का स्वर्ण मंदिर श्रद्धा और संस्कृति का सबसे बड़ा केंद्र है।

Swadesh Darshan Scheme पंजाब - अमृतसर स्वर्ण मंदिर रात में सरोवर में रिफ्लेक्शन
Swadesh Darshan Scheme के तहत पंजाब: रात में रोशनी से जगमगाता अमृतसर का स्वर्ण मंदिर।

अमृतसर

क्यों प्रसिद्ध है: गोल्डन टेम्पल। जलियांवाला बाग। वाघा बॉर्डर।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से ट्रेन।

टिकट शुल्क: घूमने की कोई फीस नहीं। Swadesh Darshan Scheme के तहत हेरिटेज सर्किट में शामिल है।

पटियाला

क्यों प्रसिद्ध है: किले। महल। जूती और पगड़ी।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: चंडीगढ़ से 1 घंटा।

टिकट शुल्क: किला 20/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत हेरिटेज का संरक्षण हुआ है।

5- उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश स्वदेश दर्शन योजना के हेरिटेज सर्किट में शामिल है और यहाँ का ताज महल दुनिया भर के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

Swadesh Darshan Scheme उत्तर प्रदेश - आगरा ताज महल यमुना में रिफ्लेक्शन
Swadesh Darshan Scheme के तहत उत्तर प्रदेश: यमुना के पानी में प्रतिबिंबित ताज महल।

आगरा

क्यों प्रसिद्ध है: ताज महल। आगरा किला।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से 3 घंटे।

टिकट शुल्क: ताज 50/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत हेरिटेज सर्किट में शामिल है।

वाराणसी

क्यों प्रसिद्ध है: गंगा घाट। मंदिर। आध्यात्म।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से ट्रेन।

टिकट शुल्क: बोटिंग 200/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत स्पिरिचुअल सर्किट में शामिल है।

6- हरियाणा

सूरजकुंड

क्यों प्रसिद्ध है: क्राफ्ट मेला। झील। शिल्प कला।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से 1 घंटा।

टिकट शुल्क: मेला 120/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत कल्चरल सर्किट में शामिल है।

पिंजौर गार्डन

क्यों प्रसिद्ध है: मुगल गार्डन। फव्वारे। हरियाली।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: चंडीगढ़ से 30 मिनट।

टिकट शुल्क: 30/ रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत हेरिटेज गार्डन का विकास हुआ है।

7- राजस्थान

राजस्थान स्वदेश दर्शन योजना के हेरिटेज सर्किट का प्रमुख राज्य है जो अपने किलों, महलों और रेगिस्तानी संस्कृति के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

Swadesh Darshan Scheme राजस्थान - जयपुर आमेर किला माोटा झील में रिफ्लेक्शन
Swadesh Darshan Scheme के तहत राजस्थान: माोटा झील में प्रतिबिंबित आमेर किला।

जयपुर

क्यों प्रसिद्ध है: जयपुर को गुलाबी नगरी कहा जाता है। यहां आमेर किला सिटी पैलेस और हवा महल जैसी ऐतिहासिक जगहें हैं। जंतर मंतर यूनेस्को की विश्व धरोहर है। खरीदारी के लिए जौहरी बाजार और बापू बाजार बहुत प्रसिद्ध हैं।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च। मौसम ठंडा और सुहावना रहता है।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से जयपुर के लिए रोजाना ट्रेन और फ्लाइट मिलती हैं। सड़क से 5 घंटे लगते हैं।

टिकट शुल्क: आमेर किला 200/- रुपये। सिटी पैलेस 300/- रुपये । बाकी जगह 50/- से 100/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत जयपुर को हेरिटेज सर्किट में शामिल किया गया है। यहां पर्यटन सुविधाओं का विकास हुआ है।

जोधपुर

क्यों प्रसिद्ध है: जोधपुर को ब्लू सिटी के नाम से जाना जाता है। मेहरानगढ़ किला शहर के ऊपर पहाड़ी पर बना है। उम्मेद भवन पैलेस और जसवंत थड़ा यहां के मुख्य आकर्षण हैं। जोधपुर की जूतियां और बैंडेज बहुत प्रसिद्ध हैं।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी। गर्मी में बहुत गर्मी पड़ती है।

कैसे पहुंचे: जयपुर और दिल्ली से सीधी ट्रेन और बस मिलती है। सफर लगभग 6 घंटे का है।

टिकट शुल्क: मेहरानगढ़ किला 100/- रुपये। उम्मेद भवन 300/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत, जोधपुर को हेरिटेज सर्किट का हिस्सा बनाया गया है। किले और हवेलियों का रखरखाव किया गया है।

उदयपुर

क्यों प्रसिद्ध है: उदयपुर को झीलों की नगरी कहा जाता है। यहां लेक पैलेस फतेहसागर झील और सिटी पैलेस देखने लायक हैं। शाम को झील के किनारे बोटिंग का मजा अलग है। उदयपुर की फिल्मों की शूटिंग भी बहुत होती है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: सितंबर से मार्च। मानसून में झीलें भरी हुई दिखती हैं।

कैसे पहुंचे: अहमदाबाद से 4 घंटे और दिल्ली से फ्लाइट द्वारा पहुंच सकते हैं। रेल कनेक्टिविटी भी अच्छी है।

टिकट शुल्क: लेक पैलेस बोट 400/- रुपये। सिटी पैलेस 300/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत उदयपुर की झीलों और घाटों को विकसित किया गया है। पर्यटकों के लिए नई सुविधाएं बनाई गई हैं।

जैसलमेर

क्यों प्रसिद्ध है: जैसलमेर को गोल्डन सिटी कहा जाता है। यहां का सोनार किला रेत के बीच बना है। सम सैंड ड्यून्स में कैमल सफारी और डेजर्ट कैंप बहुत प्रसिद्ध हैं। फरवरी में डेजर्ट फेस्टिवल लगता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से फरवरी। दिन में धूप और रात में ठंड होती है।

कैसे पहुंचे: जोधपुर से बस और ट्रेन द्वारा 5 घंटे में पहुंचा जा सकता है। रात की ट्रेन सबसे अच्छी है।

टिकट शुल्क: किला 50/- रुपये। कैमल सफारी 800/- रुपये से 3000/- रुपये तक। 1 घंटे की शॉर्ट सफारी 800/- से 1200/- रुपये। ओवरनाइट कैंप 2000/- से 3000/- रुपये।

Swadesh Darshan Scheme के तहत जैसलमेर को डेजर्ट सर्किट में शामिल किया गया है। यहां टेंट सिटी और सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए हैं।

माउंट आबू 

क्यों प्रसिद्ध है: माउंट आबू राजस्थान का एकमात्र हिल स्टेशन है। यहां दिलवाड़ा जैन मंदिर संगमर की कारीगरी के लिए प्रसिद्ध हैं। नक्की लेक और सनसेट पॉइंट मुख्य आकर्षण हैं। गर्मियों में लोग यहां ठंडक के लिए आते हैं।

घूमने का सबसे अच्छा समय: मार्च से जून और सितंबर से नवंबर।

कैसे पहुंचे: अहमदाबाद से 3 घंटे और आबू रोड से 30 मिनट में बस मिलती है।

टिकट शुल्क: मंदिर 20/- रुपये। नक्की लेक बोटिंग 100/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत माउंट आबू को इको सर्किट में शामिल किया गया है। जंगल और झीलों का संरक्षण किया गया है।

रणथंभौर

क्यों प्रसिद्ध है: रणथंभौर नेशनल पार्क बाघों के लिए प्रसिद्ध है। यहां किले के अंदर मंदिर और झील भी हैं। जंगल सफारी में बाघ हिरण और मोर देखने को मिलते हैं। फोटोग्राफी के लिए बेस्ट जगह है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून। गर्मी में बाघ पानी के पास आते हैं।

कैसे पहुंचे: जयपुर से 4 घंटे ट्रेन से सवाई माधोपुर पहुंचना पड़ता है।

टिकट शुल्क: सफारी 1500/- रुपये से शुरू। गाइड और जीप अलग से लगती है। Swadesh Darshan Scheme के तहत रणथंभौर को वाइल्डलाइफ सर्किट का हिस्सा बनाया गया है। पर्यटन को बढ़ावा मिला है।

बीकानेर

क्यों प्रसिद्ध है: बीकानेर का जूनागढ़ किला बहुत मजबूत है। करणी माता का चूहों वाला मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यहां ऊंट रिसर्च सेंटर और नमकीन भी बहुत प्रसिद्ध है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च। रेगिस्तान में गर्मी बहुत पड़ती है।

कैसे पहुंचे: जोधपुर से 5 घंटे ट्रेन द्वारा पहुंच सकते हैं, दिल्ली से भी ट्रेन है।

टिकट शुल्क: जूनागढ़ किला 200/- रुपये। बाकी जगह 50/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत बीकानेर को डेजर्ट सर्किट में जोड़ा गया है। हेरिटेज होटल और लोक कला को बढ़ावा मिला है।

8- महाराष्ट्र

मुंबई

क्यों प्रसिद्ध है: मुंबई को सपनों का शहर कहा जाता है। गेटवे ऑफ इंडिया मरीन ड्राइव और सिद्धिविनायक मंदिर यहां के मुख्य आकर्षण हैं। बॉलीवुड और स्ट्रीट फूड के लिए भी प्रसिद्ध है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी। मौसम सुहावना रहता है।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से 2 घंटे की फ्लाइट है। हर शहर से ट्रेन और बस मिलती है।

टिकट शुल्क: ज्यादातर जगह फ्री हैं। कुछ म्यूजियम 50/- से 500/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत मुंबई कोस्टल सर्किट में शामिल किया गया है, बीच और विरासत स्थलों का विकास हुआ है।

पुणे 

क्यों प्रसिद्ध है: पुणे को महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी कहा जाता है। शनिवार वाड़ा अगाखान पैलेस और लोनावला खंडाला पास में हैं। शिक्षा और आईटी हब भी है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: मुंबई से 3 घंटे ट्रेन और बस द्वारा पहुंचा जा सकता है।

टिकट शुल्क: पुणे में अलग अलग जगह का अलग रेट है। डिटेल ये है- 25/- से 100/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत पुणे को हेरिटेज सर्किट का हिस्सा बनाया गया है। किलों का संरक्षण किया गया है।

अजंता

क्यों प्रसिद्ध है: अजंता की गुफाएं बौद्ध कला के लिए विश्व प्रसिद्ध हैं। यहां की भित्ति चित्र और मूर्तियां यूनेस्को की धरोहर हैं। 30 गुफाएं हैं।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: औरंगाबाद से 100 किमी बस द्वारा जाया जाता है।

अजंता की गुफाओं का है टिकट शुल्क: भारतीय 40/ रुपये। विदेशी 600/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत अजंता को हेरिटेज सर्किट में विकसित किया गया है। पर्यटक सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

एलोरा 

क्यों प्रसिद्ध है: एलोरा में जैन बौद्ध और हिंदू गुफाएं एक साथ हैं। कैलाश मंदिर एक ही पत्थर से बना है। यह भी विश्व धरोहर है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी।

कैसे पहुंचे: औरंगाबाद से 30 किमी दूर है।

टिकट शुल्क: भारतीय 40/- रुपये। विदेशी 600/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत एलोरा को हेरिटेज सर्किट का हिस्सा बनाया गया है, रखरखाव किया गया है।

महाबलेश्वर

क्यों प्रसिद्ध है: महाबलेश्वर महाराष्ट्र का सबसे प्रसिद्ध हिल स्टेशन है। स्ट्रॉबेरी वेन लेक और कई व्यू पॉइंट यहां हैं। गर्मियों में बहुत भीड़ होती है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: पुणे से 4 घंटे बस द्वारा पहुंच सकते हैं।

टिकट शुल्क: घोड़ा राइड 500/- रुपये। पॉइंट फ्री हैं। Swadesh Darshan Scheme के तहत महाबलेश्वर को इको सर्किट में शामिल किया गया है। प्रकृति संरक्षण हुआ है।

तारकर्ली बीच 

क्यों प्रसिद्ध है: तारकर्ली को महाराष्ट्र का मिनी गोवा कहा जाता है। साफ पानी और वाटर स्पोर्ट्स के लिए प्रसिद्ध है। पास में सिंधुदुर्ग किला भी है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: मुंबई से 10 घंटे बस द्वारा जाया जाता है।

टिकट शुल्क: वाटर स्पोर्ट्स 1000/- रुपये से शुरू। Swadesh Darshan Yojana के तहत तारकर्ली कोस्टल सर्किट में विकसित किया गया है।

9- मध्य प्रदेश

खजुराहो

क्यों प्रसिद्ध है: खजुराहो के मंदिर अपनी नक्काशी और कामसूत्र मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह यूनेस्को की विश्व धरोहर है। लाइट एंड साउंड शो भी होता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से सीधी ट्रेन और फ्लाइट मिलती है।

टिकट शुल्क: भारतीय 40/- रुपये। विदेशी 600/- रुपये। Swadesh Darshan Scheme के तहत खजुराहो को हेरिटेज सर्किट में शामिल किया गया है।

सांची

क्यों प्रसिद्ध है: सांची का स्तूप सम्राट अशोक ने बनवाया था। यह बौद्ध धर्म का सबसे पुराना स्थल है। विश्व धरोहर भी है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: भोपाल से 1 घंटे ट्रेन द्वारा पहुंच सकते हैं।

टिकट शुल्क: भारतीय 30/- रुपये। विदेशी 500/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत सांची को बुद्धिस्ट सर्किट में विकसित किया गया है।

भीमबेटका

क्यों प्रसिद्ध है: भीमबेटका में 10000 साल पुरानी रॉक पेंटिंग हैं। यह मानव सभ्यता के शुरुआती प्रमाण हैं। विश्व धरोहर स्थल है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: भोपाल से 45 किमी दूर है।

टिकट शुल्क: भारतीय 40/- रुपये। विदेशी 600/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत भीमबेटका को इको सर्किट का हिस्सा बनाया गया है।

कान्हा नेशनल पार्क 

क्यों प्रसिद्ध है: कान्हा बाघ और बारासिंघा के लिए प्रसिद्ध है। जंगल बुक की कहानी यहीं से प्रेरित है। सफारी बहुत अच्छी होती है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: जबलपुर से 4 घंटे द्वारा पहुंच सकते हैं।

टिकट शुल्क: सफारी 2000/- रुपये से शुरू। Swadesh Darshan Scheme के तहत कान्हा को वाइल्डलाइफ सर्किट का हिस्सा बनाया गया है।

बांधवगढ़ नेशनल पार्क 

क्यों प्रसिद्ध है: बांधवगढ़ में सबसे ज्यादा बाघ देखे जाते हैं। किला और गुफाएं भी हैं। फोटोग्राफी के लिए बेस्ट है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: जबलपुर से 3 घंटे द्वारा पहुंचा जा सकता है।

टिकट शुल्क: सफारी 2000/- रुपये से शुरू। Swadesh Darshan Scheme के तहत बांधवगढ़ को वाइल्डलाइफ सर्किट में विकसित किया गया है।

पचमढ़ी

क्यों प्रसिद्ध है: पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। झरने गुफाएं और धूपगढ़ व्यू पॉइंट यहां हैं। एकमात्र हिल स्टेशन है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: पिपरिया से 1 घंटे बस द्वारा जाया जाता है।

टिकट शुल्क: एंट्री 50/- रुपये। बोटिंग 200/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत पचमढ़ी को इको सर्किट में शामिल किया गया है।

10- पश्चिम बंगाल

कोलकाता

क्यों प्रसिद्ध है: कोलकाता को संस्कृति की नगरी कहा जाता है। विक्टोरिया मेमोरियल हावड़ा ब्रिज और कालीघाट मंदिर प्रसिद्ध हैं। मिठाई और कला के लिए जाना जाता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: दिल्ली से 2.5 घंटे की फ्लाइट है। टिकट शुल्क: 30/- से 200/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत कोलकाता को हेरिटेज सर्किट में शामिल किया गया है।

दार्जिलिंग

क्यों प्रसिद्ध है: दार्जिलिंग चाय बागान और टॉय ट्रेन के लिए प्रसिद्ध है। टाइगर हिल से कंचनजंगा दिखता है । हिल स्टेशन है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से जून।

कैसे पहुंचे: सिलीगुड़ी से 3 घंटे। टॉय ट्रेन का सफर खास है।

टिकट शुल्क: टॉय ट्रेन 1500/- रुपये। पार्क 100/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत दार्जिलिंग को हिमालयन सर्किट का हिस्सा बनाया गया है।

कालिमपोंग

क्यों प्रसिद्ध है: कालिमपोंग शांत हिल स्टेशन है। बौद्ध मठ और व्यू पॉइंट यहां के आकर्षण हैं। फूलों की खेती भी होती है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मई।

कैसे पहुंचे: दार्जिलिंग से 2 घंटे द्वारा पहुंच सकते हैं।

टिकट शुल्क: 50 रुपये से शुरू।bSwadesh Darshan Yojana के तहत कालिमपोंग को हिमालयन सर्किट में विकसित किया गया है।

सुंदरबन

क्यों प्रसिद्ध है: सुंदरबन दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव जंगल है। रॉयल बंगाल टाइगर और नदी सफारी के लिए प्रसिद्ध है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: कोलकाता से 4 घंटे द्वारा पहुंचा जाता है।

टिकट शुल्क: टूर 3000/- रुपये से शुरू।Swadesh Darshan Scheme के तहत सुंदरबन को इको सर्किट में शामिल किया गया है।

दीघा 

क्यों प्रसिद्ध है: दीघा पश्चिम बंगाल का सबसे प्रसिद्ध समुद्र तट है। न्यू दीघा और समुद्री रिसॉर्ट यहां हैं। फैमिली के लिए अच्छी जगह है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: अक्टूबर से मार्च।

कैसे पहुंचे: कोलकाता से 4 घंटे बस द्वारा जाया जाता है।

टिकट शुल्क: बीच फ्री। पार्क 50/- रुपये।Swadesh Darshan Yojana के तहत दीघा को कोस्टल सर्किट में विकसित किया गया है।

शांतिनिकेतन

क्यों प्रसिद्ध है: शांतिनिकेतन रवींद्रनाथ टैगोर का विश्व भारती विश्वविद्यालय है। कला और संस्कृति का केंद्र है। पौष मेला प्रसिद्ध है।

घूमने का सबसे अच्छा समय: नवंबर से फरवरी।

कैसे पहुंचे: कोलकाता से 3 घंटे ट्रेन द्वारा पहुंच सकते हैं।

टिकट शुल्क: 20/- रुपये। Swadesh Darshan Yojana के तहत: शांतिनिकेतन को हेरिटेज सर्किट का हिस्सा बनाया गया है।

नोट: आधिकारिक जानकारी, गाइडलाइन और स्वीकृत प्रोजेक्ट की पूरी लिस्ट आप पर्यटन मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।

निष्कर्ष

1- Swadesh Darshan Scheme भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है जिसका उद्देश्य देश के पर्यटन को बढ़ावा देना और थीम आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करना है।

2- इस योजना के तहत 10 प्रमुख पर्यटन सर्किट चुने गए हैं जिससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा, बुनियादी सुविधाओं में सुधार होगा और भारत को विश्व स्तर पर एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाएगा।

अस्वीकरण

1- इस लेख में दी गई जानकारी इंटरनेट और सरकारी वेबसाइटों के आधार पर सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दी गई है। योजना के नियम, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और लाभ समय-समय पर सरकार द्वारा बदले जा सकते हैं।

2- आवेदन करने से पहले कृपया आधिकारिक वेबसाइट tourism.gov.in या संबंधित सरकारी कार्यालय से एक बार जरूर पुष्टि कर लें। https://harbo.co.in इस जानकारी की 100% सटीकता की गारंटी नहीं लेता है।

 

 

 

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