पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना POMIS ब्याज दर और फायदे
परिचय
रिटायरमेंट के बाद या नौकरी के साथ हर महीने फिक्स इनकम की तलाश है तो पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना यानी POMIS आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है।
ये भारत सरकार की गारंटी वाली स्मॉल सेविंग स्कीम है जिसमें आपका पैसा 100 प्रतिशत सुरक्षित रहता है। मासिक आय योजना में आप एक बार पैसा जमा करते हैं।
उसके बाद पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना आपको पूरे 5 साल तक हर महीने ब्याज का पैसा देता रहता है, फिलहाल इस योजना पर 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है।
इसका मतलब अगर आप 9 लाख रुपये जमा करते हैं तो हर महीने 5550/- रुपये सीधे आपके सेविंग अकाउंट में आ जाएंगे। 5 साल पूरे होने पर आपकी जमा की गई पूरी मूल रकम वापस मिल जाती है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना ये स्कीम खास तौर पर सीनियर सिटीजन, रिटायर्ड लोगों और गृहणियों के लिए बनाई गई है। लेकिन अब कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 10 साल से ज्यादा है वो POMIS खाता खोल सकता है।
आप सिंगल अकाउंट में 9 लाख तक और पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट में 15 लाख रुपये तक जमा कर सकते हैं। जॉइंट अकाउंट से हर महीने 9250/- रुपये की पक्की इनकम हो जाती है।
बैंक FD के मुकाबले पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना के दो बड़े फायदे हैं। पहला, ब्याज दर बैंक से ज्यादा है, दूसरा, इसमें सरकार की पूरी गारंटी है जबकि बैंक में सिर्फ 5 लाख तक का बीमा होता है।
इस पूरी गाइड में आपको मासिक आय योजना से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी, POMIS खाता कैसे खोलें, जरूरी दस्तावेज कौन से हैं।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना, ये स्कीम में TDS कैसे बचाएं, समय से पहले पैसा निकालने के नियम क्या हैं, और मासिक आय योजना SCSS से कैसे अलग है, पोस्ट को अंत तक पढ़ें ताकि आप सही फैसला ले सकें।
मासिक आय योजना क्या है
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना यानी POMIS एक सरकारी बचत स्कीम है जिसमें हर महीने फिक्स इनकम मिलती है।

पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना को शॉर्ट में POMIS भी कहते हैं। ये भारत सरकार की स्मॉल सेविंग स्कीम है। इस योजना का मकसद है आम आदमी को हर महीने फिक्स इनकम देना।
आप एक बार पैसा जमा कर देते हैं, उसके बाद पोस्ट ऑफिस आपको 5 साल तक हर महीने ब्याज का पैसा देता रहता है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में 5 साल पूरे होने पर आपकी जमा की हुई मूल रकम वापस मिल जाती है। ये योजना खास तौर पर रिटायर्ड लोगों के लिए बनाई गई थी।
लेकिन अब कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 10 साल से ज्यादा है वो पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना का खाता खोल सकता है।
जिन लोगों को हर महीने घर खर्च, दवाई, या EMI के लिए फिक्स पैसा चाहिए उनके लिए मासिक आय योजना बहुत अच्छी है।
मासिक आय योजना की ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना का अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए मासिक आय योजना की ब्याज दर 7.4 प्रतिशत सालाना है, ये ब्याज दर सरकार हर तीन महीने में तय करती है।
वित्त मंत्रालय स्मॉल सेविंग स्कीम की ब्याज दरों की समीक्षा करता है। अगर सरकारी बॉन्ड का यील्ड बदलता है तो POMIS की ब्याज दर भी बदल सकती है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज का मतलब है कि अगर आप 1 लाख रुपये जमा करते हैं तो आपको एक साल में 7400/- रुपये ब्याज मिलेगा।
चूंकि ये मासिक आय योजना है इसलिए ये 7400/- रुपये 12 महीनों में बांटकर दिए जाएंगे। यानी 7400 को 12 से भाग देने पर हर महीने 616.66 रुपये मिलेंगे।
पोस्ट ऑफिस इसे 616/- रुपये करके आपके सेविंग अकाउंट में डाल देता है। पिछले 2 साल में मासिक आय योजना की ब्याज दर 6.6 प्रतिशत से बढ़कर 7.4 प्रतिशत हो गई है।
इसलिए पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में आज के समय में ये स्कीम बैंक FD से ज्यादा ब्याज दे रही है। ज्यादातर बैंक की 5 साल की FD 6.5 से 7 प्रतिशत ब्याज दे रही है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में कितना पैसा जमा कर सकते हैं
पोस्ट ऑफिस MIS में न्यूनतम ₹1,000/+ और अधिकतम सिंगल अकाउंट में ₹9 लाख, जॉइंट अकाउंट में ₹15 लाख तक निवेश कर सकते हैं, और मैच्योरिटी 5 साल की होती है।

POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना का जमा लिमिट-
1- सिंगल अकाउंट: अधिकतम ₹9,00,000/- तक।
2- जॉइंट अकाउंट: अधिकतम ₹15,00,000/- तक।
3- न्यूनतम निवेश: सिर्फ ₹1,000/- से शुरू।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में सरकार ने 2023 के बजट में मासिक आय योजना की लिमिट बढ़ा दी थी। नई लिमिट 1 अप्रैल 2023 से लागू है।
न्यूनतम जमा राशि: 1000/- रुपये, अधिकतम जमा राशि सिंगल अकाउंट: 9 लाख रुपये। अधिकतम जमा राशि जॉइंट अकाउंट: 15 लाख रुपये। पहले सिंगल अकाउंट की लिमिट सिर्फ 4.5 लाख थी और जॉइंट की 9 लाख थी।
अब दोनों दोगुनी हो गई हैं। इसका फायदा ये हुआ कि अब एक रिटायर कपल जॉइंट अकाउंट में 15 लाख जमा करके हर महीने 9250/- रुपये ब्याज ले सकता है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना की ब्याज दर हर तिमाही बदलती है। Istemal रेट और ऑफिशियल नोटिफिकेशन के लिए आप सीधे इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर चेक कर सकते हैं। यहां सभी स्मॉल सेविंग स्कीम की पूरी जानकारी मिलती है।
ध्यान देने वाली बात: एक व्यक्ति के नाम पर सभी पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना खातों में मिलाकर 9 लाख से ज्यादा जमा नहीं हो सकते। मान लीजिए आपके नाम पर एक सिंगल अकाउंट में 5 लाख हैं।
तो आप दूसरे सिंगल अकाउंट में सिर्फ 4 लाख और डाल सकते हैं। लेकिन आप अपनी पत्नी के साथ जॉइंट अकाउंट खोलकर उसमें 15 लाख अलग से डाल सकते हैं।
मासिक आय योजना में हर महीने कितना ब्याज मिलेगा
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में अलग अलग जमा राशि पर हर महीने मिलने वाला ब्याज दिया गया है। ये कैलकुलेशन 7.4 प्रतिशत सालाना ब्याज पर है।

जमा राशि: 1,00,000/- रुपये।
महीने का ब्याज: 616/- रुपये।
साल का ब्याज: 7,392/- रुपये।
जमा राशि: 2,00,000/- रुपये।
महीने का ब्याज: 1,233/- रुपये।
साल का ब्याज: 14,796/- रुपये।
जमा राशि: 5,00,000/- रुपये।
महीने का ब्याज: 3,083/- रुपये।
साल का ब्याज: 36,996/- रुपये।
जमा राशि: 9,00,000/- रुपये।
महीने का ब्याज: 5,550/- रुपये।
साल का ब्याज: 66,600/- रुपये।
जमा राशि: 15,00,000/- रुपये जॉइंट अकाउंट-
महीने का ब्याज: 9,250/- रुपये।
साल का ब्याज: 1,11,000/- रुपये।
आप खुद भी कैलकुलेट कर सकते हैं। फॉर्मूला है: महीने का ब्याज = जमा राशि गुणा 7.4 भाग 100 भाग 12।
मासिक आय योजना के फायदे
1- हर महीने पक्की इनकम: रिटायरमेंट के बाद सैलरी बंद हो जाती है। लेकिन खर्चे वैसे ही चलते रहते हैं। किराना, बिजली बिल, दवाई, बच्चों की मदद।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में आपको हर महीने की आखिरी वर्किंग डेट को ब्याज का पैसा मिल जाता है।
ये पैसा सीधा आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में आ जाता है। वहां से आप ATM से निकाल सकते हैं या ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं।
2- सरकार की गारंटी: पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना भारत सरकार की स्कीम है। इसमें आपका पैसा 100 प्रतिशत सुरक्षित रहता है।
बैंक डूब भी जाए तो बैंक में सिर्फ 5 लाख तक की गारंटी होती है। लेकिन पोस्ट ऑफिस में पूरी रकम सरकार की गारंटी के साथ सुरक्षित है।
ध्यान दें: इसलिए जो लोग रिस्क नहीं लेना चाहते उनके लिए POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना सबसे अच्छा है।
3- 5 साल का लॉक इन: पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना का लॉक इन पीरियड सिर्फ 5 साल है। PPF में 15 साल, सुकन्या समृद्धि में 21 साल तक पैसा बंद रहता है।
यहां पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में सिर्फ 5 साल बाद आप पूरा पैसा वापस निकाल सकते हैं। अगर आप चाहें तो 5 साल बाद फिर से नया खाता खोलकर अगले 5 साल के लिए जमा कर सकते हैं।
4- जॉइंट अकाउंट की सुविधा: आप पति पत्नी मिलकर जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं। जॉइंट अकाउंट में 15 लाख तक जमा होता है। सिंगल अकाउंट में 9 लाख की लिमिट है।
जॉइंट अकाउंट से हर महीने 9250 रुपये मिलते हैं जो एक अच्छा अमाउंट है। तीन लोग मिलकर भी जॉइंट अकाउंट खोल सकते हैं।
5- नॉमिनेशन की सुविधा: खाता खोलते समय आप नॉमिनी बना सकते हैं। अगर खाताधारक की मृत्यु हो जाती है तो नॉमिनी को पूरी जमा राशि और बचा हुआ ब्याज आसानी से मिल जाता है। नॉमिनी के लिए कोर्ट के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
6- एक से ज्यादा खाते: आप पोस्ट ऑफिस की अलग ब्रांच में एक से ज्यादा मासिक आय योजना खाते खोल सकते हैं। बस शर्त ये है कि सभी खातों में मिलाकर आपके नाम पर 9 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
7- आसानी से ट्रांसफर: अगर आप एक शहर से दूसरे शहर शिफ्ट हो रहे हैं तो आप अपना POMIS अकाउंट भी ट्रांसफर करा सकते हैं। पोस्ट ऑफिस से पोस्ट ऑफिस में खाता ट्रांसफर की सुविधा फ्री है।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में से हर महीने फिक्स इनकम के साथ अगर आप बिजली बिल भी जीरो करना चाहते हैं तो सरकार की PM सूर्य घर योजना देखें।
इसमें 300 यूनिट तक फ्री बिजली और सोलर पैनल पर 78000/- रुपये तक की सब्सिडी मिलती है। इससे आपकी सेविंग डबल हो जाएगी।
मासिक आय योजना की कमियां
1- इनकम टैक्स में छूट नहीं: पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में जमा की गई रकम पर धारा 80C के तहत टैक्स छूट नहीं मिलती।
सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम और PPF में 1.5 लाख तक की छूट मिल जाती है। लेकिन POMIS में ये फायदा नहीं है।
2- मिला हुआ ब्याज टैक्सेबल है: पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में हर महीने जो ब्याज मिलता है वो आपकी कुल इनकम में जुड़ता है। फिर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से उस पर टैक्स लगता है।
अगर एक साल में ब्याज 40 हजार रुपये से ज्यादा है तो पोस्ट ऑफिस 10 प्रतिशत TDS भी काट लेता है। सीनियर सिटीजन के लिए TDS की लिमिट 50 हजार रुपये सालाना है।
3- समय से पहले बंद करने पर जुर्माना: अगर आप 5 साल से पहले पैसा निकालते हैं तो जुर्माना लगता है। 1 साल से पहले खाता बंद नहीं कर सकते।
1 साल बाद और 3 साल से पहले बंद किया तो जमा राशि का 2 प्रतिशत कटेगा। 3 साल बाद और 5 साल से पहले बंद किया तो 1 प्रतिशत कटेगा।
4- ब्याज पर ब्याज नहीं: POMIS में कम्पाउंडिंग का फायदा नहीं मिलता। हर महीने जो ब्याज आता है वो आपके सेविंग अकाउंट में चला जाता है। MIS अकाउंट में ब्याज जमा नहीं होता।
इसलिए ब्याज पर ब्याज नहीं बनता। अगर आप कंपाउंडिंग चाहते हैं तो हर महीने मिलने वाले ब्याज को खुद से कहीं और निवेश करना पड़ेगा।
मासिक आय योजना का खाता कौन खोल सकता है
POMIS खाता कोई भी वयस्क भारतीय नागरिक अकेले, पति-पत्नी जॉइंट या 3 लोग मिलकर खोल सकते हैं, लेकिन NRI और HUF इस योजना में खाता नहीं खोल सकते।

1- सिंगल एडल्ट: कोई भी भारतीय नागरिक जिसकी उम्र 18 साल से ऊपर है।
2- जॉइंट अकाउंट: दो या तीन एडल्ट मिलकर खोल सकते हैं। सभी को बराबर का हक मिलेगा।
3- नाबालिग: 10 साल से ऊपर का बच्चा अपने नाम से खाता खोल सकता है। 10 साल से कम उम्र के बच्चे का खाता-
उसके माता पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं। बच्चा 18 साल का होने पर उसे खुद खाता ऑपरेट करना पड़ेगा।
4- दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति: उसके अभिभावक खाता खोल सकते हैं।
5- NRI: पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में नॉन रेजिडेंट इंडियन मासिक आय योजना का नया खाता नहीं खोल सकते।
मासिक आय योजना बनाम सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम
बहुत लोग कन्फ्यूज रहते हैं कि SCSS लें या POMIS लें। दोनों में ये फर्क है-
ब्याज दर
SCSS में 8.2 प्रतिशत, POMIS में 7.4 प्रतिशत। SCSS में 0.8 प्रतिशत ज्यादा ब्याज मिलता है।
पैसा कब मिलता है
SCSS में ब्याज हर तीन महीने में मिलता है। मार्च, जून, सितंबर, दिसंबर। POMIS में हर महीने मिलता है।
टैक्स छूट 80C
SCSS में 1.5 लाख तक निवेश पर धारा 80C की छूट है। POMIS में कोई छूट नहीं है।
उम्र की शर्त
SCSS सिर्फ 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए है। VRS लेने वाले 55 साल पर खोल सकते हैं। डिफेंस से रिटायर 50 साल पर खोल सकते हैं। POMIS 10 साल से ऊपर कोई भी खोल सकता है।
जमा लिमिट
SCSS में 30 लाख तक जमा कर सकते हैं। POMIS में सिंगल 9 लाख, जॉइंट 15 लाख।
लॉक इन
दोनों का 5 साल का लॉक इन है। SCSS को 3 साल और बढ़ा सकते हैं। POMIS को भी 5-5 साल के लिए आगे बढ़ा सकते हैं।
किसके लिए कौन सी सही
अगर आपकी उम्र 60 साल से ज्यादा है तो SCSS ज्यादा फायदे वाली है। ब्याज ज्यादा है और 80C भी मिलता है। अगर आपकी उम्र 60 से कम है और हर महीने पैसा चाहिए तो POMIS खोलें।
मासिक आय योजना बनाम बैंक FD
ब्याज दर: आजकल POMIS 7.4 प्रतिशत दे रही है। SBI, HDFC जैसे बड़े बैंक की 5 साल की FD 6.5 से 7 प्रतिशत के बीच है। यानी पोस्ट ऑफिस थोड़ा ज्यादा ब्याज दे रहा है।
पेमेंट का तरीका: बैंक FD में आप चुन सकते हैं कि ब्याज हर महीने चाहिए, तीन महीने में चाहिए, या मैच्योरिटी पर चाहिए। POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में सिर्फ हर महीने का ऑप्शन है।
सुरक्षा: पोस्ट ऑफिस में 100 प्रतिशत सरकारी गारंटी है। बैंक में RBI के DICGC के नियम से सिर्फ 5 लाख तक की गारंटी है।
TDS: बैंक FD और POMIS दोनों में सालाना 40 हजार से ऊपर ब्याज पर 10 प्रतिशत TDS कटता है। सीनियर सिटीजन के लिए 50 हजार की लिमिट है।
समय से पहले बंद करना: बैंक FD तोड़ने पर 0.5 से 1 प्रतिशत पेनल्टी लगती है। POMIS में 1 साल से 3 साल के बीच 2 प्रतिशत, 3 से 5 साल के बीच 1 प्रतिशत पेनल्टी है।
मासिक आय योजना का खाता कैसे खोलें
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना का खाता खोलना बहुत आसान है। अभी ये सुविधा सिर्फ पोस्ट ऑफिस ब्रांच में ऑफलाइन मिलती है।
ऑनलाइन POMIS खाता नहीं खुलता। लेकिन जिनका पोस्ट ऑफिस में पहले से सेविंग अकाउंट है और उसमें नेट बैंकिंग एक्टिव है, वो कुछ डाकघरों में ऑनलाइन रिक्वेस्ट डाल सकते हैं।
खाता खोलने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसेस
1- अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं सबसे पहले अपनी नजदीकी पोस्ट ऑफिस ब्रांच में जाएं। बड़े हेड पोस्ट ऑफिस में काम जल्दी होता है।
2- POMIS खाता फॉर्म लें काउंटर से अकाउंट ओपनिंग फॉर्म लें। इसे फॉर्म A भी कहते हैं। कुछ पोस्ट ऑफिस में ये फॉर्म कॉमन सेविंग स्कीम फॉर्म होता है। उसमें मासिक आय योजना पर टिक करना होता है।
3- फॉर्म को सही भरें फॉर्म में अपना नाम, पता, जन्मतिथि, पैन नंबर, आधार नंबर, नॉमिनी की डिटेल भरें। सिंगल अकाउंट खोल रहे हैं या जॉइंट ये सेलेक्ट करें।
जमा करने वाली राशि लिखें। ध्यान रहे राशि 1000/- के गुणक में हो। जैसे 100000/-, 205000/-, 900000/-।
4- जरूरी दस्तावेज लगाएं फॉर्म के साथ KYC दस्तावेज की सेल्फ अटेस्टेड फोटो कॉपी लगाएं। ओरिजिनल भी साथ ले जाएं वेरिफिकेशन के लिए।
5- पैसा जमा करें आप कैश, चेक या पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट से ट्रांसफर करके पैसा जमा कर सकते हैं।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में अगर 10 हजार से ज्यादा कैश जमा कर रहे हैं तो पैन कार्ड जरूरी है। 2 लाख से ऊपर का चेक ही चलेगा। चेक क्लियर होने के बाद खाता खुलेगा।
6- पासबुक ले लें सब कुछ वेरिफाई होने के बाद पोस्ट ऑफिस आपको POMIS की पासबुक दे देगा।
उसी दिन ब्याज शुरू हो जाएगा। हर महीने का ब्याज आपकी पासबुक में एंट्री होगा या सीधा लिंक्ड सेविंग अकाउंट में आएगा।
जरूरी दस्तावेज की लिस्ट
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में खाता खोलने के लिए ये दस्तावेज चाहिए:
1- पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक। पैन कार्ड अनिवार्य है।
2- पता प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, बैंक पासबुक, राशन कार्ड।
3- आयु प्रमाण: जन्म प्रमाण पत्र, दसवीं की मार्कशीट, आधार कार्ड।
4. फोटो: 2 पासपोर्ट साइज फोटो।
5. पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट: ब्याज लेने के लिए पोस्ट ऑफिस में सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। अगर नहीं है तो पहले वो खुलवाना पड़ेगा। उसी दिन दोनों खाते खुल जाते हैं।
ध्यान दें: जॉइंट अकाउंट के लिए दोनों लोगों के KYC दस्तावेज और फोटो लगेंगे। नाबालिग का खाता खोलने पर बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र और अभिभावक का KYC लगेगा।
क्या POMIS खाता ऑनलाइन खोल सकते हैं
फिलहाल पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना का नया खाता पूरी तरह ऑनलाइन नहीं खुलता। लेकिन इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक IPPB या पोस्ट ऑफिस नेट बैंकिंग से कुछ काम ऑनलाइन हो जाते हैं-
अगर आपका पोस्ट ऑफिस में CBS सेविंग अकाउंट है और मोबाइल बैंकिंग एक्टिव है तो आप घर बैठे POMIS के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं-
इसके लिए DOP इंटरनेट बैंकिंग में लॉगिन करें। Service Requests में जाकर New Requests पर क्लिक करें-
वहां MIS Account Opening का ऑप्शन मिलेगा। फॉर्म भरकर सबमिट करें। फिर आपको डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए एक बार ब्रांच जाना पड़ेगा।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में पूरी तरह ऑनलाइन खाता खोलने की सुविधा अभी नहीं है क्योंकि इसमें फिजिकल वेरिफिकेशन और ओरिजिनल सिग्नेचर जरूरी होते हैं। सरकार इस पर काम कर रही है। जल्द ही पूरी ऑनलाइन सुविधा आ सकती है।
मासिक आय योजना मैच्योरिटी पर क्या होता है
POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में का लॉक इन पीरियड 5 साल का है। जिस दिन से आपने खाता खोला है ठीक 5 साल बाद वो तारीख मैच्योरिटी डेट कहलाती है।
मैच्योरिटी पर आपके पास 3 ऑप्शन हैं
1- पूरा पैसा निकाल लें, 5 साल पूरे होने पर आप पोस्ट ऑफिस जाकर क्लोजर फॉर्म भरें। पासबुक जमा करें। एक हफ्ते के अंदर आपकी पूरी जमा राशि आपके सेविंग अकाउंट में क्रेडिट हो जाएगी। मैच्योरिटी पर कोई टैक्स या पेनल्टी नहीं लगती।
2- खाता 5 साल के लिए आगे बढ़ाएं, आप चाहें तो मैच्योरिटी के बाद उसी पैसे को अगले 5 साल के लिए फिर से POMIS में लगा सकते हैं।
इसके लिए मैच्योरिटी से 1 साल के अंदर एक्सटेंशन फॉर्म भरना होता है। एक्सटेंशन के समय जो नई ब्याज दर चल रही होगी वही अगले 5 साल के लिए लागू होगी। आप चाहें तो हर 5 साल बाद ऐसे ही बढ़ाते रह सकते हैं।
3- ब्याज लेना बंद करें लेकिन पैसा जमा रखें अगर आप मैच्योरिटी के बाद पैसा नहीं निकालते और खाता भी बंद नहीं करते तो जमा राशि पोस्ट ऑफिस में पड़ी रहेगी।
लेकिन उस पर POMIS का ब्याज मिलना बंद हो जाएगा। पड़ी हुई रकम पर सिर्फ पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट का ब्याज 4 प्रतिशत मिलेगा। इसलिए बेहतर है या तो पैसा निकाल लें या एक्सटेंशन करा लें।
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में से सेविंग तो हो गई, लेकिन अगर आप खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो सरकार की स्टैंड अप इंडिया योजना देखें।
इसमें महिलाओं और SC/ST को बिना गारंटी 10 लाख से 1 करोड़ तक का लोन मिलता है। POMIS की ब्याज इनकम को बिजनेस में लगाकर कमाई डबल कर सकते हैं।
5 साल बाद खाता कैसे बढ़ाएं
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में मैच्योरिटी पूरी होने के 1 साल के अंदर आप पोस्ट ऑफिस जाकर फॉर्म H भरें।
इसे अकाउंट एक्सटेंशन फॉर्म कहते हैं। साथ में पासबुक जमा करें। पोस्ट ऑफिस आपकी पासबुक पर नई मैच्योरिटी डेट की स्टैंप लगा देगा।
एक्सटेंशन के नियम
1- पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना को सिर्फ 5-5 साल के ब्लॉक में बढ़ा सकते हैं। 1 या 2 साल के लिए नहीं।
2- एक्सटेंशन के दिन जो ब्याज दर होगी वही अगले 5 साल फिक्स रहेगी।
3- एक्सटेंशन के लिए कोई फ्रेश पैसा जमा नहीं करना। पुरानी राशि ही आगे चलेगी।
4- अगर आपने 9 लाख जमा किए थे और लिमिट बढ़कर 15 लाख हो गई तो भी आप सिर्फ 9 लाख ही एक्सटेंड कर पाएंगे। नई लिमिट का फायदा लेने के लिए पुराना खाता बंद करके नया खोलना पड़ेगा।
TDS कैसे बचाएं फॉर्म 15G और 15H
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में से मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल है। अगर एक वित्त वर्ष में कुल ब्याज 40 हजार से ज्यादा हो जाता है तो पोस्ट ऑफिस 10 प्रतिशत TDS काट लेता है। सीनियर सिटीजन के लिए ये लिमिट 50 हजार रुपये है।
TDS से बचने के 2 तरीके
1: फॉर्म 15G या 15H जमा करें, अगर आपकी कुल सालाना इनकम टैक्सेबल लिमिट से कम है तो आप पोस्ट ऑफिस में फॉर्म 15G जमा कर सकते हैं।
सीनियर सिटीजन 60 साल से ऊपर फॉर्म 15H जमा करते हैं। ये फॉर्म हर वित्त वर्ष की शुरुआत में अप्रैल में जमा करना होता है। एक बार फॉर्म जमा होने पर पोस्ट ऑफिस TDS नहीं काटेगा।
ध्यान दें: पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में गलत फॉर्म 15G 15H भरने पर पेनल्टी लग सकती है। सिर्फ वही लोग भरें जिनकी इनकम टैक्स स्लैब से नीचे है।
2- जमा राशि को बांट दें, अगर आप 9 लाख एक खाते में डालेंगे तो सालाना ब्याज 66600/- होगा। TDS कटेगा।
इसकी जगह आप 4.5 लाख अपने नाम और 4.5 लाख पत्नी के नाम कर दें। दोनों का ब्याज 33300/- रहेगा। TDS नहीं कटेगा। जॉइंट अकाउंट में भी यही ट्रिक काम आती है।
समय से पहले खाता बंद करने के नियम
इमरजेंसी में अगर आपको 5 साल से पहले पैसा चाहिए तो POMIS खाता बंद कर सकते हैं। लेकिन जुर्माना लगेगा।
नियम ये हैं- 1- 1 साल से पहले: खाता बंद नहीं कर सकते। कोई अपवाद नहीं।
2- 1 साल बाद और 3 साल से पहले: जमा राशि का 2 प्रतिशत पेनल्टी कटेगी।
बाकी पैसा वापस मिलेगा, जो ब्याज पहले मिल चुका है वो भी मूल राशि में से काट लिया जाएगा।
3- 3 साल बाद और 5 साल से पहले: जमा राशि का 1 प्रतिशत पेनल्टी कटेगी। मिला हुआ ब्याज एडजस्ट होगा।
उदाहरण: आपने 5 लाख जमा किए। 2 साल बाद खाता बंद किया। 2 प्रतिशत यानी 10000/- रुपये पेनल्टी कटेगी।
2 साल में आपको 74000/- ब्याज मिल चुका है। तो 5 लाख में से 10000/- प्लस 74000/- घटाकर 4 लाख 16 हजार वापस मिलेंगे।
इसलिए कोशिश करें कि 5 साल से पहले खाता न तोड़ें। इमरजेंसी के लिए पैसा चाहिए तो POMIS में जमा राशि पर लोन नहीं मिलता। बेहतर है कुछ पैसा FD या लिक्विड फंड में रखें।
नॉमिनी कैसे बदलें या जोड़ें
पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में खाता खोलते समय नॉमिनी बनाना बहुत जरूरी है। अगर आपने नहीं बनाया या बदलना है तो ये प्रोसेस है-
1- पोस्ट ऑफिस जाएं और फॉर्म C मांगें। इसे नॉमिनेशन फॉर्म कहते हैं।
2- नए नॉमिनी का नाम, पता, रिश्ता, जन्मतिथि भरें। एक से ज्यादा नॉमिनी बना सकते हैं। परसेंटेज भी तय कर सकते हैं।
3- फॉर्म पर सिग्नेचर करें और पासबुक के साथ जमा करें।
4- पोस्ट ऑफिस पासबुक पर नए नॉमिनी की एंट्री कर देगा। कोई चार्ज नहीं लगता।
ध्यान दें: खाताधारक की मृत्यु होने पर नॉमिनी को डेथ सर्टिफिकेट, KYC और क्लेम फॉर्म जमा करना होता है। 7 दिन में पैसा मिल जाता है।
क्या MIS के अगेंस्ट लोन मिल सकता है
नहीं। पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना के अगेंस्ट लोन या ओवरड्राफ्ट की सुविधा नहीं है। NSC, KVP, PPF के अगेंस्ट लोन मिल जाता है लेकिन POMIS में ये सुविधा नहीं दी गई।
कारण ये है कि POMIS खुद एक इनकम स्कीम है। सरकार नहीं चाहती कि आप ब्याज भी लें और उसी पैसे पर लोन भी लें। अगर पैसों की जरूरत है तो खाता समय से पहले बंद करना ही एकमात्र ऑप्शन है।
मासिक आय योजना के लिए जरूरी टिप्स
1- ब्याज सीधा सेविंग अकाउंट में लें: खाता खोलते समय ऑटो क्रेडिट का ऑप्शन चुनें। हर महीने की 1 तारीख को ब्याज ऑटोमैटिक सेविंग अकाउंट में आ जाएगा। पासबुक में एंट्री कराने का झंझट नहीं।
2- सीनियर सिटीजन पहले SCSS देखें: 60 साल से ऊपर हैं तो SCSS में 8.2 प्रतिशत ब्याज मिलता है। वो ज्यादा फायदे वाला है। लिमिट 30 लाख है।
3- पत्नी के साथ जॉइंट खोलें: 15 लाख की लिमिट का फायदा उठाएं। हर महीने 9250/- रुपये मिलेंगे। टैक्स भी बचेगा।
4- 5 साल का प्लान बनाएं: इमरजेंसी फंड अलग रखें। POMIS का पैसा 5 साल तक भूल जाएं। तभी पूरा फायदा मिलेगा।
5- ब्याज को री-इन्वेस्ट करें: हर महीने मिलने वाले ब्याज को SIP या RD में डाल दें। इससे कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल FAQ
सवाल 1: POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में मिनिमम कितना पैसा जमा कर सकते हैं?
जवाब: मिनिमम 1000/- रुपये। उसके बाद 1000/- के गुणक में कोई भी रकम। जैसे 5000/-, 25000/-, 300000/-।
सवाल 2: क्या 5 साल से पहले ब्याज दर बदल सकती है?
जवाब: नहीं। जिस दिन आपने खाता खोला उस दिन जो ब्याज दर थी वही 5 साल तक लॉक रहती है। सरकार बाद में रेट बदले तो आपके खाते पर असर नहीं होगा।
सवाल 3: POMIS में खाता कितनी बार खोल सकते हैं?
जवाब: जितनी बार चाहें। बस सभी खातों में मिलाकर सिंगल नाम पर 9 लाख और जॉइंट में 15 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए।
सवाल 4: क्या नाबालिग के नाम POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में खोल सकते हैं?
जवाब: हां। 10 साल से ऊपर का बच्चा खुद खोल सकता है। 10 साल से कम उम्र में माता पिता अभिभावक बनकर खोल सकते हैं।
सवाल 5: ब्याज हर महीने किस तारीख को आता है?
जवाब: महीने की आखिरी वर्किंग डेट को। अगर 31 तारीख संडे है तो 30 या 29 को आ जाएगा। ऑटो क्रेडिट में 1 तारीख को सेविंग अकाउंट में दिखता है।
सवाल 6: क्या POMIS का पैसा डूब सकता है?
जवाब: नहीं। ये भारत सरकार की स्कीम है, 100 प्रतिशत सॉवरेन गारंटी है। बैंक से ज्यादा सुरक्षित है।
सवाल 7: POMIS पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में और FD में कौन बेहतर है?
जवाब: सेफ्टी के लिए POMIS। फ्लेक्सिबिलिटी के लिए बैंक FD। ब्याज अभी POMIS में थोड़ा ज्यादा है।
सवाल 8: क्या NRI POMIS खोल सकते हैं?
जवाब: नहीं। नया खाता नहीं खोल सकते। अगर पहले से खाता है और बाद में NRI बने हैं तो मैच्योरिटी तक चला सकते हैं।
निष्कर्ष
1- पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना उन लोगों के लिए बेस्ट है जिन्हें हर महीने फिक्स और सुरक्षित इनकम चाहिए।
2- 7.4 प्रतिशत का ब्याज, सरकार की गारंटी, और 5 साल का छोटा लॉक इन इसे मिडिल क्लास और रिटायर्ड लोगों की पहली पसंद बनाता है।
3- अगर आपकी उम्र 60 साल से कम है और आप रिस्क नहीं लेना चाहते तो अपनी सेविंग का एक हिस्सा POMIS में जरूर रखें।
4- पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना में 9 लाख सिंगल और 15 लाख जॉइंट अकाउंट की नई लिमिट से अब हर महीने 9250/- रुपये तक की इनकम हो सकती है।
5- खाता खोलने से पहले ये जरूर चेक करें: क्या आपको पैसा 5 साल तक नहीं चाहिए, क्या आप ब्याज पर टैक्स देने को तैयार हैं।
6- और क्या आपके पास इमरजेंसी फंड अलग से है। अगर तीनों जवाब हां हैं तो आज ही नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाएं और मासिक आय योजना का खाता खुलवाएं।
7- याद रखें, सही जानकारी ही सबसे बड़ा निवेश है। ये पोस्ट अपने दोस्तों और परिवार के साथ शेयर करें ताकि वो भी मासिक आय योजना का फायदा उठा सकें।
अस्वीकरण
1- यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से लिखा गया है। पोस्ट ऑफिस मासिक आय योजना POMIS से जुड़ी ब्याज दर, जमा सीमा और पात्रता के नियम समय-समय पर भारत सरकार और डाक विभाग द्वारा बदले जा सकते हैं।
2- POMIS खाता खोलने से पहले अपने नजदीकी पोस्ट ऑफिस में जाकर नवीनतम नियम, जरूरी दस्तावेज और 7.4% वार्षिक ब्याज दर की पुष्टि जरूर कर लें।
3- 10 साल से ऊपर नाबालिग, सिंगल या जॉइंट खाता खोलने की पात्रता की सही जानकारी पोस्ट ऑफिस कर्मचारी से लें। यह लेख किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है।
4- निवेश से जुड़ा कोई भी फैसला अपने वित्तीय सलाहकार से चर्चा के बाद ही लें। harbo.co.in इस जानकारी के उपयोग से होने वाले किसी भी लाभ-हानि के लिए जिम्मेदार नहीं है।
