विकलांग पेंशन योजना दिव्यांग जनों के लिए हर महीने 3000 रुपये तक सरकारी सहायता पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

विकलांग पेंशन योजना हर महीने ₹3000 तक की सरकारी मदद

परिचय

विकलांग पेंशन योजना (Disability Pension Scheme) केंद्र और राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजना है।

इस योजना का उद्देश्य 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग नागरिकों को हर महीने आर्थिक सहायता देना है। ताकि वे सम्मान के साथ जीवन जी सकें।

विकलांग पेंशन (Disability Pension) योजना को दिव्यांग पेंशन योजना, हैंडीकैप पेंशन (Handicap Pension) और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता पेंशन योजना के नाम से भी जाना जाता है।

इस योजना में लाभार्थी को राज्य के अनुसार ₹500/- से लेकर ₹3000/- तक की मासिक पेंशन सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

अगर आप या आपके परिवार में कोई सदस्य दिव्यांग है तो यह लेख पूरा पढ़ें, यहां आपको पात्रता से लेकर सभी राज्यों की पेंशन राशि तक की पूरी जानकारी मिलेगी।

विकलांग पेंशन योजना का उद्देश्य

विकलांग पेंशन योजना का मुख्य उद्देश्य देश के 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है.

शारीरिक या मानसिक अक्षमता के कारण बहुत से दिव्यांगजन कमाने में असमर्थ होते हैं और परिवार पर निर्भर रहते हैं.

विकलांग पेंशन योजना ऐसे लोगों को हर महीने निश्चित पेंशन देकर उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में मदद करती है.

इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज में सम्मानजनक जीवन देना और उन्हें भेदभाव से बचाना है.

विकलांग पेंशन योजना के जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी दिव्यांग व्यक्ति पैसों की कमी के कारण लाचार न रहे, यह योजना सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है.

विकलांग पेंशन योजना की मुख्य जानकारी

विकलांग पेंशन योजना दिव्यांग नागरिकों को आर्थिक सहारा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई गई एक कल्याणकारी योजना है, इस योजना में पात्र लाभार्थी को हर महीने पेंशन दी जाती है।

विकलांग पेंशन योजना - व्हीलचेयर पर दिव्यांग व्यक्ति.
दिव्यांगजनों को सरकार द्वारा मासिक पेंशन दी जाती है।

1- योजना का नाम- विकलांग पेंशन योजना / दिव्यांग पेंशन योजना (Disability Pension scheme)।

2- लाभ: मासिक आर्थिक सहायता ₹500/- से ₹3000/- तक।

3- लाभार्थी: 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले भारतीय नागरिक।

4- उम्र सीमा: 18 वर्ष से 79 वर्ष तक।

5- आवेदन: ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा।

6- पैसा कैसे मिलता है: DBT के द्वारा सीधे बैंक खाते में।

7- केंद्र का हिस्सा: ₹300/- से ₹500/- तक, बाकी राज्य सरकार देती है।

विकलांग पेंशन योजना के लिए पात्रता शर्तें

विकलांग पेंशन योजना का लाभ हर कोई नहीं ले सकता. इसके लिए सरकार ने कुछ जरूरी पात्रता शर्तें रखी हैं, आइए जानते हैं विकलांग पेंशन योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है।

विकलांग पेंशन योजना - एक पैर से दिव्यांग महिला बैसाखी के सहारे आत्मनिर्भर बनने की कोशिश कर रही है.
40% या अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को विकलांग पेंशन योजना के तहत मासिक आर्थिक सहायता दी जाती है।

विकलांग पेंशन योजना (Disability Pension scheme) का लाभ लेने के लिए नीचे दी गई सभी शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं-

पहली शर्त: आवेदक भारत का मूल निवासी हो और जिस राज्य से आवेदन कर रहा है वहां का निवास प्रमाण पत्र हो।

दूसरी शर्त: विकलांग पेंशन योजना में आवेदक की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए। 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर यह पेंशन वृद्धावस्था पेंशन में बदल जाती है।

तीसरी शर्त: सक्षम मेडिकल बोर्ड या CMO द्वारा जारी 40 प्रतिशत या उससे अधिक का दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना चाहिए। अब UDID (यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड को प्राथमिकता दी जा रही है।

चौथी शर्त: आवेदक के परिवार की वार्षिक आय राज्य सरकार द्वारा तय सीमा से कम हो। ज्यादातर राज्यों में यह सीमा ₹1 लाख से ₹2 लाख के बीच है। BPL परिवारों को प्राथमिकता मिलती है।

पांचवी शर्त: आवेदक पहले से किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ न ले रहा हो। एक व्यक्ति को एक ही पेंशन मिलती है।

छठी शर्त: आवेदक का बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए क्योंकि भुगतान PFMS के माध्यम से DBT से होता है।

विकलांग पेंशन योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की पेंशन लिस्ट

विकलांग पेंशन योजना की राशि हर राज्य में अलग अलग होती है. केंद्र सरकार 300/- से 500/- रुपये देती है और बाकी पैसा राज्य सरकार अपनी तरफ से जोड़ती है, नीचे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विकलांग पेंशन योजना की लिस्ट देखें-

विकलांग पेंशन योजना - व्हीलचेयर पर दिव्यांग व्यक्ति को सरकारी सहायता की आवश्यकता है.
शारीरिक अक्षमता के बावजूद सम्मान से जीने के लिए विकलांग पेंशन योजना दिव्यांगजनों का सहारा बनती है।

विकलांग पेंशन योजना (Disability Pension Scheme) की राशि हर राज्य सरकार अपने बजट के अनुसार तय करती है।

नीचे हमने देश के सभी 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों की वर्तमान मासिक पेंशन राशि दी है। यह डेटा समाज कल्याण विभाग की वेबसाइटों से लिया गया है।

उत्तर भारत के राज्य

राज्य का नाम: हरियाणा
मासिक पेंशन राशि: ₹3000/-
नोट: देश में सबसे अधिक पेंशन।

राज्य का नाम: दिल्ली
मासिक पेंशन राशि: ₹2500/-
नोट: 60 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता (disability) पर ₹5000/-।

राज्य का नाम: पंजाब
मासिक पेंशन राशि: ₹1500/-
नोट: 50 प्रतिशत दिव्यांगता Disability) जरूरी।

राज्य का नाम: उत्तर प्रदेश
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: सबसे ज्यादा लाभार्थी वाला राज्य।

राज्य का नाम: उत्तराखंड
मासिक पेंशन राशि: ₹1500/-
नोट: हाल ही में बढ़ाई गई राशि।

राज्य का नाम: हिमाचल प्रदेश
मासिक पेंशन राशि: ₹1500/-
नोट: 70 प्रतिशत से ऊपर ₹1700/-।

राज्य का नाम: जम्मू और कश्मीर
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लागू।

राज्य का नाम: लद्दाख
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: केंद्र सरकार की दर।

राज्य का नाम: चंडीगढ़
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: केंद्र शासित प्रदेश।

मध्य भारत के राज्य

राज्य का नाम: मध्य प्रदेश
मासिक पेंशन राशि: ₹600/-
नोट: सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना।

राज्य का नाम: छत्तीसगढ़
मासिक पेंशन राशि: ₹500/-
नोट: सुखद सहारा योजना।

राज्य का नाम: राजस्थान
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/- से ₹1500/-
नोट: दिव्यांगता प्रतिशत (disability percent) और उम्र पर निर्भर।

राज्य का नाम: गुजरात
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: संत सुरदास योजना।

पूर्व भारत के राज्य

राज्य का नाम: बिहार
मासिक पेंशन राशि: ₹1100/-
नोट: मुख्यमंत्री विकलांग सशक्तिकरण योजना।

राज्य का नाम: झारखंड
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: स्वामी विवेकानंद निशक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन योजना।

राज्य का नाम: पश्चिम बंगाल
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: मानबिक पेंशन प्रकल्प।

राज्य का नाम: ओडिशा
मासिक पेंशन राशि: ₹700/- से ₹900/-
नोट: मधु बाबू पेंशन योजना।

दक्षिण भारत के राज्य

राज्य का नाम: आंध्र प्रदेश
मासिक पेंशन राशि: ₹3000/-
नोट: YSR पेंशन कनुका, 80 प्रतिशत से ऊपर ₹5000/-।

राज्य का नाम: तेलंगाना
मासिक पेंशन राशि: ₹4016/-
नोट: आसरा पेंशन, देश में सबसे ज्यादा।

राज्य का नाम: कर्नाटक
मासिक पेंशन राशि: ₹1400/- से ₹2000/-
नोट: 75 प्रतिशत से ऊपर ₹2000/-।

राज्य का नाम: तमिलनाडु
मासिक पेंशन राशि: ₹1500/-
नोट: दिव्यांग पेंशन योजना।

राज्य का नाम: केरल
मासिक पेंशन राशि: ₹1600/-
नोट: सामाजिक सुरक्षा मिशन।

राज्य का नाम: पुडुचेरी
मासिक पेंशन राशि: ₹3000/-
नोट: केंद्र शासित प्रदेश।

राज्य का नाम: लक्षद्वीप
मासिक पेंशन राशि: ₹2000/-
नोट: केंद्र शासित प्रदेश।

राज्य का नाम: अंडमान निकोबार
मासिक पेंशन राशि: ₹2500/-
नोट: केंद्र शासित प्रदेश।

पश्चिम भारत के राज्य

राज्य का नाम: महाराष्ट्र
मासिक पेंशन राशि: ₹1500/-
नोट: संजय गांधी निराधार अनुदान योजना।

राज्य का नाम: गोवा
मासिक पेंशन राशि: ₹2000/-
नोट: दयानंद सामाजिक सुरक्षा योजना।

राज्य का नाम: दादरा नगर हवेली और दमन दीव
मासिक पेंशन राशि: ₹2500/-
नोट: केंद्र शासित प्रदेश।

उत्तर-पूर्व भारत के राज्य

राज्य का नाम: असम
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: दीन दयाल दिव्यांग पेंशन आचनी।

राज्य का नाम: अरुणाचल प्रदेश
मासिक पेंशन राशि: ₹2000/-
नोट: मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना।

राज्य का नाम: मणिपुर
मासिक पेंशन राशि: ₹600/-
नोट: पेंशन फॉर पर्सन्स विद डिसेबिलिटी।

राज्य का नाम: मेघालय
मासिक पेंशन राशि: ₹500/-
नोट: सबसे कम राशि वाले राज्यों में।

राज्य का नाम: मिजोरम
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: सामाजिक कल्याण विभाग।

राज्य का नाम: नागालैंड
मासिक पेंशन राशि: ₹1000/-
नोट: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय योजना।

राज्य का नाम: त्रिपुरा
मासिक पेंशन राशि: ₹2000/-
नोट: हाल में बढ़ाई गई।

राज्य का नाम: सिक्किम
मासिक पेंशन राशि: ₹1500/-
नोट: सामाजिक न्याय विभाग।

महत्वपूर्ण नोट: ऊपर दी गई पेंशन राशि में समय समय पर बदलाव होता रहता है। कुछ राज्य 80 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता या विशेष बीमारी पर ज्यादा पेंशन देते हैं।

सटीक और नई जानकारी के लिए अपने जिले के समाज कल्याण कार्यालय में संपर्क करें।

ये दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग भारत सरकार की साइट है। यहाँ से हर राज्य की स्कीम का लिंक मिल जाएगा।

विकलांग पेंशन योजना के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची

विकलांग पेंशन योजना में आवेदन करने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है. दस्तावेज पूरे न होने पर विकलांग पेंशन योजना का फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है. नीचे पूरी लिस्ट दी गई है-

विकलांग पेंशन योजना - व्हीलचेयर पर दिव्यांग व्यक्ति सड़क पर, सरकारी सहायता का पात्र.
शारीरिक रूप से अक्षम दिव्यांगजनों को विकलांग पेंशन योजना के तहत हर महीने आर्थिक सहायता दी जाती है।

विकलांग पेंशन योजना में आवेदन करने से पहले ये सभी दस्तावेज तैयार कर लें। एक भी दस्तावेज कम होने पर फॉर्म रिजेक्ट हो सकता है।

1- दिव्यांगता प्रमाण पत्र: विकलांग पेंशन योजना में यह सबसे जरूरी दस्तावेज है। सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से बना 40 प्रतिशत या अधिक का प्रमाण पत्र चाहिए। अब UDID कार्ड मान्य है और बेहतर है।

2- आधार कार्ड: आवेदक का आधार कार्ड। इसमें नाम, जन्मतिथि और पता सही होने चाहिए। मोबाइल नंबर भी लिंक होना चाहिए।

3- निवास प्रमाण पत्र: तहसील से जारी निवास प्रमाण पत्र। इसके बदले वोटर आईडी कार्ड या राशन कार्ड भी चल जाता है।

4- आय प्रमाण पत्र: तहसीलदार द्वारा बना आय प्रमाण पत्र। अगर आपके पास BPL राशन कार्ड है तो आय प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं पड़ती।

5- बैंक खाता पासबुक: राष्ट्रीयकृत बैंक में खाता होना चाहिए। पासबुक के पहले पेज की कॉपी लगेगी जिसमें खाता संख्या और IFSC कोड साफ दिखे।

6- पासपोर्ट साइज फोटो: नई खींची हुई 4 से 6 रंगीन फोटो। फोटो में दिव्यांगता स्पष्ट दिखनी चाहिए।

7- मोबाइल नंबर: एक चालू मोबाइल नंबर जो आवेदन के समय OTP के लिए इस्तेमाल होगा।

8- राशन कार्ड: विकलांग पेंशन योजना में परिवार समग्र आईडी के लिए जरूरी। BPL कार्ड है तो प्राथमिकता मिलेगी।

नोट: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के अलावा समाज के अन्य जरूरतमंद वर्गों के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं।

अगर आपके परिवार में 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग हैं तो उनके लिए उत्तर प्रदेश वृद्धा पेंशन योजना के तहत हर महीने ₹1000/- की आर्थिक सहायता दी जाती है।

इसी तरह जिन महिलाओं के पति का देहांत हो चुका है, वे उत्तर प्रदेश विधवा पेंशन योजना का लाभ उठाकर हर महीने ₹1000/- पेंशन प्राप्त कर सकती हैं।

इन सभी योजनाओं में आवेदन करने के बाद लाभार्थी अपना नाम SSPY पोर्टल पर पेंशन सूची में चेक कर सकते हैं और भुगतान का स्टेटस भी ऑनलाइन देख सकते हैं।

विकलांग पेंशन योजना में ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

विकलांग पेंशन योजना में देश के ज्यादातर राज्यों ने अब ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। घर बैठे मोबाइल से आवेदन करने के लिए ये स्टेप फॉलो करें।

चरण 1: गूगल में अपने राज्य का नाम लिखकर समाज कल्याण विभाग सर्च करें। जैसे समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश। आधिकारिक वेबसाइट खोलें।

चरण 2: वेबसाइट पर पेंशन योजनाएं या ऑनलाइन सेवाएं के सेक्शन में जाएं। वहां दिव्यांग पेंशन हेतु आवेदन करें पर क्लिक करें।

चरण 3: पहले नया पंजीकरण करना होगा। अपना नाम, जिला, मोबाइल नंबर और आधार नंबर डालकर OTP से रजिस्टर करें।

चरण 4: विकलांग पेंशन योजना में पंजीकरण के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। अब विकलांग पेंशन योजना का आवेदन फॉर्म खुल जाएगा।

चरण 5: फॉर्म में सभी जानकारी अंग्रेजी और हिंदी में सही भरें। दिव्यांगता का प्रकार, प्रतिशत, बैंक खाता संख्या, IFSC कोड ध्यान से भरें।

चरण 6: सभी दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। फाइल का साइज 100 KB से 200 KB के बीच रखें। फोटो JPG में और दस्तावेज PDF में होने चाहिए।

चरण 7: पूरा फॉर्म भरने के बाद एक बार प्रीव्यू देखें। कोई गलती हो तो सुधार लें। फिर फाइनल सबमिट कर दें।

चरण 8: विकलांग पेंशन योजना सबमिट करते ही आपको एक पंजीकरण संख्या मिलेगी। इसको नोट कर लें या प्रिंट निकाल लें। इसी से आप आगे स्टेटस ट्रैक कर पाएंगे।

विकलांग पेंशन योजना ऑफलाइन कैसे अप्लाई करें

अगर आपके पास इंटरनेट या स्मार्टफोन नहीं है तो आप ऑफलाइन भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अपने नजदीकी ग्राम पंचायत कार्यालय, ब्लॉक कार्यालय या जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण कार्यालय जाएं।

वहां से विकलांग पेंशन योजना का आवेदन फॉर्म निशुल्क लें। फॉर्म को काले या नीले पेन से साफ साफ भरें। सभी जरूरी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित छायाप्रति फॉर्म के साथ संलग्न करें।

भरे हुए फॉर्म को ग्राम विकास अधिकारी, लेखपाल या सीधे जिला समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जमा कर दें। फॉर्म जमा करने की पावती रसीद जरूर ले लें। इसी रसीद से आप बाद में जानकारी ले सकते हैं।

आवेदन के बाद स्टेटस कैसे चेक करें

विकलांग पेंशन योजना में फॉर्म जमा करने के 45 से 60 दिन के अंदर जांच पूरी हो जाती है। स्टेटस चेक करने के लिए राज्य के पोर्टल पर जाएं।

ट्रैक एप्लीकेशन स्टेटस वाले लिंक पर क्लिक करें। अपनी पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि डालें।

यहां आपको दिख जाएगा कि फॉर्म स्वीकार हुआ, जांच में है, या किसी कारण से निरस्त हुआ है। निरस्त होने पर कारण देखकर दोबारा सही दस्तावेज के साथ अप्लाई करें।

विकलांग पेंशन योजना से जुड़े जरूरी सवाल FAQ

प्रश्न 1: विकलांग पेंशन योजना के लिए UDID (यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) कार्ड अनिवार्य है क्या?

उत्तर: हां, अब केंद्र सरकार ने UDID कार्ड (यूनिक डिसेबिलिटी आइडेंटिफिकेशन) को अनिवार्य कर दिया है। पुराने प्रमाण पत्र वाले लोगों को भी UDID बनवाना होगा।

इसे http://swavlambancard.gov.in पोर्टल से मुफ्त बना सकते हैं।

प्रश्न 2: पेंशन हर महीने आती है या 3 महीने में?

उत्तर: विकलांग पेंशन योजना के लिए यह राज्य पर निर्भर करता है। हरियाणा, दिल्ली, यूपी में हर महीने आती है। बिहार, झारखंड जैसे कुछ राज्यों में 3 महीने में एक साथ भेजी जाती है।

प्रश्न 3: अगर बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है तो क्या होगा?

उत्तर: पैसा अटक जाएगा। पेंशन DBT से आती है इसलिए बैंक खाता आधार से लिंक और NPCI मैपिंग होना जरूरी है। बैंक जाकर तुरंत लिंक कराएं।

प्रश्न 4: 40 प्रतिशत से कम दिव्यांगता पर कोई मदद मिलती है?

उत्तर: विकलांग पेंशन योजना के लिए 40 प्रतिशत न्यूनतम है। कम प्रतिशत पर आप सहायक उपकरण योजना, बस पास में छूट, शिक्षा में छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं।

प्रश्न 5: क्या यह पेंशन जीवनभर मिलती है?

उत्तर: हां, विकलांग पेंशन योजना के लिए जब तक लाभार्थी जीवित है और पात्रता रखता है तब तक मिलती है। बस हर साल नवंबर से दिसंबर के बीच जीवित प्रमाण पत्र जमा करना होता है।

निष्कर्ष

1- विकलांग पेंशन योजना दिव्यांग भाई बहनों के लिए बहुत बड़ी राहत है। तेलंगाना में ₹4016/- और हरियाणा में ₹3000/- तक की मासिक मदद से उनका जीवन आसान हो जाता है।

2- अगर आप इस योजना के लिए पात्र हैं तो बिना देर किए आवेदन करें। याद रखें यह प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है। कोई भी व्यक्ति पैसे मांगे तो उसकी शिकायत टोल फ्री नंबर पर करें।

3- इस लेख को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि हर जरूरतमंद दिव्यांग तक विकलांग पेंशन योजना की जानकारी पहुंच सके। आपके एक शेयर से किसी का घर चल सकता है।

4- अगर आपके मन में विकलांग पेंशन योजना को लेकर कोई और सवाल है तो नीचे कमेंट करें। हम आपकी मदद जरूर करेंगे।

खंडन

1- harbo.co.in पर दी गई विकलांग पेंशन योजना की जानकारी विभिन्न सरकारी स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। हम इस जानकारी की 100% सटीकता का दावा नहीं करते।

2- योजना के नियम, पेंशन राशि और पात्रता मानदंड राज्य के अनुसार अलग हो सकते हैं। पाठकों से अनुरोध है, कि आवेदन करने से पहले समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी सरकारी कार्यालय से पुष्टि कर लें।

 

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